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काटल गांव में गहराया बिजली संकट, ग्रामीणों ने विभाग को सौंपा मांग पत्र

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 5 Hours Ago • 1 Min Read

काटल गांव में लंबे समय से लो-वोल्टेज, जर्जर बिजली लाइनों और बार-बार आने वाले फॉल्ट के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड को मांग पत्र सौंपते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो विभाग के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा।

नाहन

सिरमौर जिला की ग्राम पंचायत मधाना के अंतर्गत आने वाले गांव काटल में लंबे समय से बनी बिजली व्यवस्था की बदहाली से ग्रामीणों का धैर्य जवाब देने लगा है। क्षेत्र में लो-वोल्टेज, जर्जर विद्युत लाइनें, हवा में लटके बिजली पोल और बार-बार आने वाले फॉल्ट के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल धौलाकुआं स्थित विद्युत बोर्ड के एसडीओ कार्यालय पहुंचा और अधिकारियों को मांग पत्र सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने बताया कि गांव की बिजली लाइनें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं। कई स्थानों पर विद्युत तार ढीले होकर लटक रहे हैं, जबकि बरसात के बाद कुछ बिजली पोल असुरक्षित स्थिति में हवा में लटके हुए हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों के विद्युत उपकरण खराब हो रहे हैं। पंचायत में पहले भी बिजली उपकरण जलने से कई परिवारों को हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

स्थानीय निवासी अनिल शर्मा तथा ग्राम पंचायत मधाना के पूर्व प्रधान बाबू राम ने बताया कि गांव में आधा दर्जन नए मकान बन चुके हैं, लेकिन वहां आज तक बिजली कनेक्शन नहीं लग पाए हैं। वहीं करीब 20 से 30 घरों में लो-वोल्टेज के कारण पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण सही ढंग से नहीं चल पा रहे हैं। बिजली पोलों की कमी के कारण कई स्थानों पर लाइन विस्तार का कार्य भी अधूरा पड़ा है, जिससे कई परिवार आज भी पर्याप्त बिजली सुविधा से वंचित हैं।

ग्रामीणों ने विद्युत बोर्ड से मांग की है कि क्षेत्र में नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, जर्जर बिजली लाइनें और पोल बदले जाएं तथा नए घरों को शीघ्र बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्र के लोग विभाग के खिलाफ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।