देश के निर्यात में 26% की बंपर बढ़ोतरी, सोने के आयात में भारी गिरावट, व्यापार घाटा 5 महीने के निचले स्तर पर
भारत का वस्तु निर्यात अगस्त में सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर हो गया। इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। सोने के आयात में भारी गिरावट के बीच देश का व्यापार घाटा घटकर पांच महीने के निचले स्तर 26.86 अरब डॉलर पर आ गया।
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वाणिज्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में देश का आयात 14.1 प्रतिशत बढ़कर 70.76 अरब डॉलर रहा। इस दौरान कच्चे तेल, परियोजना वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक सामान, चांदी तथा कोयला और कोक के आयात में बढ़ोतरी हुई। सोने का आयात 57.75 प्रतिशत घटकर 2.3 अरब डॉलर रह गया, जबकि कच्चे तेल का आयात 37.28 प्रतिशत बढ़कर करीब 16 अरब डॉलर पहुंच गया। अगस्त में ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 से 94 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही।
इलेक्ट्रॉनिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में तेजी
अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में क्रमशः 90 प्रतिशत, 25 प्रतिशत और 63.27 प्रतिशत की वृद्धि हुई। अगस्त की निर्यात वृद्धि जून 2022 के बाद सबसे अधिक रही। जून 2022 में निर्यात 30.12 प्रतिशत बढ़ा था। व्यापार घाटा जुलाई 2026 के 31.98 अरब डॉलर और अगस्त 2025 के 27.22 अरब डॉलर से घटकर 26.86 अरब डॉलर रहा। इससे पहले मार्च में यह 20.67 अरब डॉलर के निचले स्तर पर दर्ज किया गया था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अगस्त के निर्यात आंकड़ों को मजबूत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ये आंकड़े विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता को दर्शाते हैं। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, निर्यात की मांग अमेरिका, यूरोपीय संघ, ब्रिक्स देशों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से आई।
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों के आंकड़े
अप्रैल से अगस्त 2026-27 के दौरान वस्तु निर्यात 17.85 प्रतिशत बढ़कर 215.91 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 18.21 प्रतिशत बढ़कर 363 अरब डॉलर रहा। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में वस्तु व्यापार घाटा बढ़कर 147.09 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त 2025-26 में यह 123.88 अरब डॉलर था। इसी अवधि में कच्चे तेल का आयात पिछले वित्त वर्ष के 78.07 अरब डॉलर से बढ़कर 95.57 अरब डॉलर पहुंच गया।
अप्रैल-अगस्त की अवधि में इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 46.31 अरब डॉलर से बढ़कर 66.48 अरब डॉलर हो गया, जबकि पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 25.32 अरब डॉलर से बढ़कर 35.31 अरब डॉलर रहा। अकेले अगस्त में इलेक्ट्रॉनिक सामान का आयात 53.27 प्रतिशत बढ़कर 13 अरब डॉलर और परियोजना वस्तुओं का आयात 377.71 प्रतिशत बढ़कर 96.078 करोड़ डॉलर रहा। सरकारी अनुमानों के मुताबिक, अगस्त में सेवा निर्यात 38.87 अरब डॉलर और सेवा आयात 21.42 अरब डॉलर दर्ज किया गया।