अंतरराष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के उपलक्ष्य में तलमेहड़ा के सदाशिव धयूंसर महादेव मंदिर में हुआ पौधारोपण
अंतरराष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के अवसर पर तलमेहड़ा स्थित सदाशिव धयूंसर महादेव मंदिर में पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। विभिन्न विभागों, सहकारी संस्थाओं और मंदिर प्रबंधन समिति के प्रतिनिधियों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
ऊना/वीरेंद्र बन्याल
उप तहसील जोल के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के उपलक्ष्य में रविवार को सदाशिव धयूंसर महादेव मंदिर, तलमेहड़ा में भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करना रहा।इस अवसर पर जिला सहकारी विकास संघ (ऊनकोफैड) ऊना, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक, वन विभाग, सहकारिता विभाग तथा सदाशिव महादेव मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मिलकर मंदिर परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे और उनके संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में ऊनकोफैड के चेयरमैन राजेंद्र शर्मा, उपाध्यक्ष रविन्द्र जसवाल, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक के सहायक महाप्रबंधक कमलजीत एवं बैंक स्टाफ, सहकारिता विभाग के जिला निरीक्षक कुशल कुमार, निरीक्षक अश्विनी कुमार और विपिन कुमार, विभिन्न सहकारी सभाओं से आए प्रतिनिधि, वन विभाग के खंड अधिकारी विकास कौशल एवं वनकर्मियों के साथ-साथ मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन प्रवीण शर्मा ने अपने करकमलों से पौधारोपण किया।इस अवसर पर ऊनकोफैड के चेयरमैन राजेंद्र शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के दौरान इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और ग्लोबल वार्मिंग के दौर में वृक्षारोपण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है। उन्होंने सभी लोगों से अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सहकारी सप्ताह के तहत ऊना जिले में पूरे सप्ताह विभिन्न कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया, जिनमें सहकारी चौपाल, क्विज प्रतियोगिताएं, किसानों के लिए सहकारी योजनाओं संबंधी जागरूकता शिविर तथा अन्य जनहित कार्यक्रम शामिल रहे। इन सभी आयोजनों को जिला प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के निर्माण के लिए अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

