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स्क्रब टाइफस से न घबराएं, समय पर पहचान और उपचार से संक्रमण से बचाव संभव

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

बरसात के मौसम में स्क्रब टाइफस के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और समय पर उपचार करवाने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार यह संक्रामक बीमारी संक्रमित चिगर के काटने से फैलती है और समय पर पहचान तथा उचित इलाज मिलने पर इसका प्रभावी उपचार संभव है। लोगों से लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी चिकित्सकीय सलाह लेने और आवश्यक सावधानियां अपनाने का आग्रह किया गया है।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

स्क्रब टाइफस रिकेट्सिया जीवाणु से संक्रमित लार्वा माइट (चिगर) के काटने से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है। यह परजीवी सामान्यतः खेतों, झाड़ियों और घास वाले क्षेत्रों में पाया जाता है तथा चूहों एवं अन्य छोटे स्तनधारी जीवों पर आश्रित रहता है। संक्रमित चिगर के काटने पर जीवाणु त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर संक्रमण पैदा करता है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलती, इसलिए घबराने के बजाय समय पर पहचान और उपचार पर ध्यान देना आवश्यक है।

तेज बुखार और शरीर में दर्द को न करें नजरअंदाज

मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऊना डॉ. एस. के. वर्मा ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को कंपकंपी के साथ 104 से 105 डिग्री तक तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में अकड़न और अत्यधिक थकावट महसूस हो तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवानी चाहिए। गंभीर संक्रमण की स्थिति में गर्दन, कांख या कूल्हों के ऊपर लसीका ग्रंथियों में सूजन भी हो सकती है। उन्होंने सलाह दी कि किसी भी प्रकार का बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

साफ-सफाई और सतर्कता से किया जा सकता है बचाव

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बरसात के दौरान घर और आसपास साफ-सफाई बनाए रखने, घास और झाड़ियों को नियंत्रित रखने तथा कहीं भी पानी जमा न होने देने की सलाह दी है। आवश्यकता अनुसार घर के अंदर और बाहर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने के साथ खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्रों में काम करते समय पूरे शरीर, विशेष रूप से हाथों और पैरों को ढककर रखने की भी अपील की गई है। जिलाधीश जतिन लाल ने कहा कि जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का कार्य कर रहा है और सभी नागरिकों को अफवाहों से बचते हुए स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करना चाहिए।

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