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दिल्ली में जल जीवन मिशन 2.0 पर बैठक आज, हिमाचल के प्रस्तावों पर होगी विस्तृत चर्चा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन2 • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Himachalnow / शिमला

दिल्ली में जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर आयोजित बैठक में हिमाचल प्रदेश द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में भाग लेकर राज्य का पक्ष प्रस्तुत करेंगे तथा पेयजल आपूर्ति, जल स्रोत प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विस्तार से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे।

शिमला

बैठक का उद्देश्य और भागीदारी
मंगलवार को दिल्ली में आयोजित होने वाली इस बैठक को जल जीवन मिशन 2.0 के दूसरे चरण के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की ओर से जल शक्ति विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य द्वारा केंद्र सरकार को भेजे गए प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा करना, उनकी व्यवहार्यता का मूल्यांकन करना और मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा तय करना है। इस दौरान राज्य का पक्ष तथ्यात्मक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा ताकि प्रस्तावों को स्वीकृति की दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।

अधिकारियों की तैयारी और प्रस्तुति
बैठक में भाग लेने के लिए विभाग की प्रमुख अभियंता ई. अंजू शर्मा सहित अन्य अधिकारी सोमवार शाम को शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इससे पूर्व विभागीय मुख्यालय में अधिकारियों के बीच विस्तृत विचार-विमर्श किया गया, जिसमें प्रस्तावों की तकनीकी और प्रशासनिक समीक्षा की गई तथा प्रस्तुति को अंतिम रूप दिया गया। अधिकारियों ने विभिन्न परियोजनाओं के आंकड़ों, प्रगति रिपोर्ट और आवश्यक संसाधनों से जुड़े बिंदुओं को समेकित कर बैठक में प्रस्तुत करने की तैयारी की है।

चर्चा के प्रमुख विषय
बैठक में पेयजल आपूर्ति से जुड़ी मौजूदा चुनौतियों, जल स्रोतों के संरक्षण और प्रबंधन, पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके अलावा जल गुणवत्ता सुधार, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और दीर्घकालिक जल प्रबंधन से संबंधित पहलुओं पर भी विस्तृत चर्चा होने की संभावना है, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।

अन्य योजनाओं पर संभावित चर्चा
सूत्रों के अनुसार इस बैठक में केंद्र प्रायोजित अन्य योजनाओं, विशेष रूप से जल प्रबंधन और सिंचाई से जुड़े विषयों पर भी विचार किया जा सकता है। पूर्व में आयोजित बैठकों में पीएम कृषि सिंचाई योजना से संबंधित प्रस्तावों और केंद्रीय सहायता की मांग को भी शामिल किया गया था, जिन पर इस बैठक में आगे की प्रक्रिया तय होने की संभावना है।