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अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सुरक्षा तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अमरनाथ यात्रा से पहले सुरक्षा व्यवस्था, सीमावर्ती क्षेत्रों की परिचालन तैयारियों तथा नियंत्रण रेखा (LoC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की स्थिति की वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने समीक्षा की। इस दौरान आतंकवाद-रोधी अभियानों, घुसपैठ रोकने के उपायों, अग्रिम चौकियों की तैयारियों और यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए लागू सुरक्षा प्रबंधों का भी विस्तृत आकलन किया गया।

जम्मू

सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा

अमरनाथ यात्रा से पहले जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सुरक्षा व्यवस्था तथा सीमावर्ती क्षेत्रों की परिचालन तैयारियों का व्यापक आकलन किया गया। रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) और सेना के शीर्ष कमांडरों ने पूर्वी एवं पश्चिमी सीमाओं पर मौजूदा सुरक्षा स्थिति, परिचालन तैनाती और विभिन्न सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। दौरे का उद्देश्य वार्षिक अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत बनाए रखना और सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात बलों की तैयारियों का मूल्यांकन करना रहा।

नॉर्दर्न कमांड और कोर मुख्यालय में हुई विस्तृत बैठकें

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने उधमपुर स्थित नॉर्दर्न कमांड मुख्यालय तथा नगरोटा स्थित XVI कोर मुख्यालय में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं। अधिकारियों ने उन्हें वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य, आतंकवाद-रोधी अभियानों की स्थिति, घुसपैठ रोकने के लिए लागू सुरक्षा ग्रिड तथा श्री अमरनाथ यात्रा के सुरक्षित और सुचारू संचालन के लिए किए गए सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी। इसके अलावा संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता और समन्वय से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा की गई।

एलओसी के अग्रिम क्षेत्रों का किया निरीक्षण

जनरल सुब्रमणि ने राजौरी और पुंछ के नियंत्रण रेखा (LoC) से सटे अग्रिम इलाकों का दौरा कर वहां तैनात जवानों की परिचालन तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने फील्ड कमांडरों के साथ बातचीत कर घुसपैठ-रोधी ग्रिड की प्रभावशीलता, सीमा पार से घुसपैठ की हालिया कोशिशों, निगरानी तंत्र और सुरक्षा प्रतिक्रिया प्रणाली की समीक्षा की। अधिकारियों से सीमा क्षेत्रों में अपनाई जा रही रणनीति और वर्तमान सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के उपायों की भी जानकारी ली गई।

श्रीनगर में सुरक्षा प्रबंधन का भी लिया गया जायजा

कश्मीर दौरे के दौरान सीडीएस ने श्रीनगर स्थित 15वीं कोर मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर घाटी की समग्र सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अग्रिम तैनाती वाले क्षेत्रों का भी दौरा किया और परिचालन तैयारियों, सुरक्षा तंत्र, सैनिकों की तैनाती तथा संवेदनशील क्षेत्रों में लागू सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। अमरनाथ यात्रा के दौरान सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था पर भी चर्चा की गई।

लद्दाख में रक्षा राज्य मंत्री का तीन दिवसीय दौरा

रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने लद्दाख का तीन दिवसीय दौरा शुरू किया है। इस दौरान वह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम के अनुसार वह रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सियाचिन क्षेत्र का भी दौरा करेंगे, जहां उच्च हिमालयी क्षेत्रों में तैनात सैनिकों की कार्य परिस्थितियों, आवासीय सुविधाओं, कल्याण संबंधी व्यवस्थाओं और परिचालन तैयारियों का आकलन किया जाएगा।

पूर्वी लद्दाख में सेना प्रमुख ने भी की समीक्षा

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पूर्वी लद्दाख में वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा बैठक की। उन्होंने लद्दाख स्काउट्स रेजिमेंटल सेंटर का दौरा कर प्रशिक्षण अवसंरचना, परिचालन क्षमताओं और आधुनिकीकरण से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में तैनात अधिकारियों और जवानों के कार्यों की सराहना करते हुए उत्कृष्ट सेवा देने वाले चयनित सैन्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए।

उपराज्यपाल के साथ नागरिक-सैन्य समन्वय पर चर्चा

जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने लद्दाख के उपराज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बी.डी. मिश्रा (सेवानिवृत्त) से मुलाकात कर नागरिक-सैन्य समन्वय को और प्रभावी बनाने पर चर्चा की। बैठक में प्रशासन और सशस्त्र बलों के बीच सहयोग, क्षेत्रीय विकास, सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वित कार्यप्रणाली तथा अग्निवीरों के पुनः रोजगार से संबंधित संभावित व्यवस्थाओं सहित विभिन्न प्रशासनिक और सुरक्षा विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।