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जेयूआईटी के सातवें दीक्षांत समारोह में 2,244 विद्यार्थियों को डिग्रियां, राज्यपाल ने मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 44 Mins Ago • 1 Min Read

जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी) के सातवें दीक्षांत समारोह में 2,244 विद्यार्थियों को विभिन्न शैक्षणिक डिग्रियां प्रदान की गईं। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान करते हुए नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता आधारित प्रौद्योगिकी विकास पर बल दिया।

सोलन

जेयूआईटी का सातवां दीक्षांत समारोह आयोजित

जेपी यूनिवर्सिटी ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेयूआईटी), वाकनाघाट में सातवें दीक्षांत समारोह का आयोजन राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता की अध्यक्षता में किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक तथा अन्य शैक्षणिक पुरस्कार प्रदान किए। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के शैक्षणिक उत्कृष्टता के 25 वर्ष पूर्ण होने पर शुभकामनाएं देते हुए इसे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में विश्वविद्यालय ने तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है तथा यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और विदेश के विभिन्न संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

2,244 विद्यार्थियों को प्रदान की गईं विभिन्न डिग्रियां

दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 2,244 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं। इनमें 1,966 बी.टेक., 3 इंटीग्रेटेड एम.टेक., 69 एम.टेक., 116 एम.एससी. तथा 90 पीएच.डी. की डिग्रियां शामिल रहीं। समारोह में विभिन्न संकायों के मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए स्वर्ण पदक एवं अन्य सम्मान भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, शोधार्थियों, पूर्व छात्रों, अभिभावकों तथा विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

तकनीक को जनहित और अनुसंधान से जोड़ने पर दिया बल

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल इंडिया और इंडस्ट्री 4.0 का है, इसलिए तकनीक का उपयोग समाज की वास्तविक आवश्यकताओं के समाधान के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा विकसित एआई आधारित मानसिक स्वास्थ्य सहायता चैटबॉट का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार के नवाचार समाजोपयोगी तकनीक के अच्छे उदाहरण हैं। उन्होंने शोधकर्ताओं और युवा नवाचारकर्ताओं से आपदा प्रबंधन, सतत कृषि, स्वास्थ्य सेवाओं तथा हिमालयी क्षेत्रों की आवश्यकताओं के अनुरूप तकनीकी समाधान विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही हिमाचल प्रदेश की औषधीय वनस्पतियों और जड़ी-बूटियों पर वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई।

उद्यमिता, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन पर दिया संदेश

राज्यपाल ने कहा कि इंजीनियरों और तकनीकी पेशेवरों को अपने कार्यों में पर्यावरण संरक्षण, हरित प्रौद्योगिकी और जल संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से रोजगार तलाशने के बजाय नवाचार आधारित उद्यम स्थापित कर रोजगार सृजन की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा मिलने से प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि महिलाएं इंजीनियरिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं तथा भविष्य में भी नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से अपनी भूमिका मजबूत करेंगी।

विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत

इससे पूर्व कुलपति प्रो. आर.के. शर्मा ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने शैक्षणिक उपलब्धियों, अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप इकोसिस्टम, पेटेंट, शोध प्रकाशनों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोग, प्लेसमेंट तथा वैश्विक रैंकिंग में विश्वविद्यालय की प्रगति की जानकारी साझा की। कार्यक्रम में उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा, पुलिस अधीक्षक साई दत्तात्रेय, विश्वविद्यालय की गवर्निंग काउंसिल एवं अकादमिक काउंसिल के सदस्य, शिक्षक, पूर्व छात्र, अभिभावक तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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