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कालाअंब में 200 किसानों का सम्मेलन, दूध की गुणवत्ता और डेयरी आय बढ़ाने पर जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

दूध की गुणवत्ता सुधरेगी तो बढ़ेगी कमाई, भाटिया डेयरी के किसान सम्मेलन में जुटे 200 किसान, कमाई बढ़ाने को दिए असरदार फॉर्मूले कालाअंब : जिला सिरमौर के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में भाटिया डेयरी की ओर से वीरवार को किसान सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें सीमावर्ती क्षेत्र के करीब 200 किसानों और पशुपालकों ने भाग लिया। सम्मेलन में किसानों की आय बढ़ाने के साथ दूध की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर करने, पशुओं की संतुलित खुराक, पशु स्वास्थ्य तथा डेयरी फार्म को व्यवस्थित कारोबार के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया।

पशुपालन विभाग के अधिकारी रणवीर सिंह सैनी ने पशुपालकों को पशुओं में होने वाले विभिन्न रोगों के लक्षण, उपचार और विभाग की लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने लंपी वायरस को लेकर पशुपालकों में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए कहा कि इसके लक्षण दिखाई देने पर घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर योग्य पशु चिकित्सक से परामर्श लेकर उचित उपचार और जरूरी सावधानियां बरतना महत्वपूर्ण है। उन्होंने पशुपालकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं को केवल अधिक चारा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी उम्र, नस्ल, स्वास्थ्य और दूध उत्पादन के अनुरूप संतुलित आहार देना जरूरी है। पशुपालकों को खुराक की सही मात्रा और पोषण संबंधी जानकारी हासिल करनी चाहिए। इसके लिए वे नजदीकी पशु चिकित्सालय में विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं।

सम्मेलन में किसानों को दूध की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया। पशुपालकों से कहा गया कि दूध निकालते समय स्वच्छता का ध्यान रखें। पशुओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार दें और दूध को साफ-सुथरे तरीके से सुरक्षित रखें। अच्छी गुणवत्ता वाला दूध उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाने के साथ पशुपालकों को बेहतर बाजार और आय दिलाने में मदद कर सकता है। किसानों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन को अपनी रोजाना आमदनी का मजबूत आधार बनाने का संदेश दिया गया।

सम्मेलन में पशुपालकों को डेयरी फार्म शुरू करने और मौजूदा डेयरी कारोबार को बढ़ाने के लिए सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी हासिल करने के लिए भी प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि पशुपालन विभाग से संपर्क कर पात्रता, प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता और डेयरी फार्म से जुड़ी सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है। योजनाओं का लाभ उठाकर किसान डेयरी व्यवसाय को अधिक व्यवस्थित और लाभकारी बना सकते हैं।

मार्केट कमेटी के सचिव राजीव चोपड़ा ने किसानों से फसल को मंडी में लाने से पहले पूरी तरह सुखाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि किसान सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी उपज की गुणवत्ता बनाए रखने पर ध्यान दें, ताकि उन्हें इसका बेहतर लाभ मिल सके।

इस मौके पर भाटिया डेयरी के निदेशक एवं कारोबारी आशु भाटिया ने सम्मेलन में पहुंचे किसान नेताओं, किसानों और पशुपालकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से किसानों को नई जानकारी मिलने और अपनी आय बढ़ाने के बेहतर अवसर मिलते हैं। उन्होंने कहा कि भाटिया डेयरी की ओर से समय-समय पर किसानों के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

इस मौके पर जिला परिषद अध्यक्ष यमुनानगर रमेश ठसका, पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र राणा, भव्य भाटिया, बलबीर सिंह, पाल सिंह, बचन सिंह, पीपीए फार्मा इंडस्ट्री खैरी के एमसी मान सिंह, मार्केट कमेटी चेयरमैन यमुनानगर राकेश त्यागी, मार्केट कमेटी चेयरमैन साढौरा नवीन भसीन, वेटरनरी चिकित्सक रणवीर सैनी, जगपाल सरपंच असगरपुर, गुरविंदर चौधरी, मंगतराम सैनी समेत कई पदाधिकारी, किसान और पशुपालक मौजूद रहे।

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