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कंडार के 47 विस्थापित परिवारों को मिला भूमि का मालिकाना हक, आवास के लिए 3.56 लाख से अधिक की सहायता

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

किन्नौर के निचार उपमंडल में सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड के पुनर्वास कार्यक्रम के तहत कंडार गांव के 47 विस्थापित परिवारों को भूमि के मालिकाना पट्टे दिए गए। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रत्येक परिवार को मकान निर्माण के लिए अंतिम किस्त के रूप में तीन लाख 56 हजार रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता के चेक भी प्रदान किए। कार्यक्रम में संपर्क सड़क, बागवानी, नौतोड़ भूमि और वन अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

कंडार के 47 विस्थापित परिवारों को मिला भूमि का मालिकाना हक, आवास के लिए 3.56 लाख से अधिक की सहायता

रिकांग पिओ

राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने 11 अक्तूबर को निचार उपमंडल के 1892 कंडार नामक स्थान पर आयोजित कार्यक्रम में विस्थापित परिवारों को भूमि का मालिकाना हक प्रदान किया। उन्होंने कहा कि पुनर्वास कार्यक्रम के अंतर्गत इन परिवारों को बसाने के साथ मकान निर्माण में आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड की ओर से दी गई यह राशि मकान निर्माण सहायता की अंतिम किस्त है।

कंडार को संपर्क सड़क से जोड़ने की तैयारी

राजस्व मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 15/20 क्षेत्र के सभी पंचायत गांव संपर्क सड़कों से जुड़ चुके हैं। विस्थापित कंडार गांव को भी सड़क सुविधा देने के लिए 1892 कंडार से विस्थापित कंडार तक संपर्क सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है। इस सड़क को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल करने का उद्देश्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में विस्थापित कंडार गांव को भी संपर्क सड़क से जोड़ दिया जाएगा, जिससे स्थानीय परिवारों को आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

कंडार के 47 विस्थापित परिवारों को मिला भूमि का मालिकाना हक, आवास के लिए 3.56 लाख से अधिक की सहायता

बागवानी गतिविधियां अपनाने का आह्वान

जगत सिंह नेगी ने ग्रामीणों से अपनी आर्थिकी मजबूत करने के लिए बागवानी गतिविधियां अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सेब की बागवानी में किसानों को नए रूटस्टॉक का उपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि इससे तीन से चार वर्षों में फसल मिलनी शुरू हो जाती है। उन्होंने बताया कि सरकार बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकें।

कंडार के 47 विस्थापित परिवारों को मिला भूमि का मालिकाना हक, आवास के लिए 3.56 लाख से अधिक की सहायता

नौतोड़ भूमि और वन अधिकारों पर चर्चा

राजस्व मंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में पात्र लोगों को नौतोड़ भूमि से संबंधित अधिकार दिलाना महत्वपूर्ण विषय है। इन मामलों का समाधान निर्धारित नियमों और प्रावधानों के अनुसार किया जाना चाहिए, ताकि पात्र परिवारों को राहत मिलने के साथ उनकी आजीविका मजबूत हो सके। वन अधिकार अधिनियम, 2006 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इसके तहत पात्र अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासियों के अधिकारों की मान्यता एवं संरक्षण का प्रावधान है। संबंधित प्रक्रिया कानून के अनुरूप पूरी करना आवश्यक है।

राजस्व मंत्री ने महिला मंडल कंडार को सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के लिए अपनी ऐच्छिक निधि से 15 हजार रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागाध्यक्षों को उनके शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। कार्यक्रम में उपायुक्त सोनाक्षी सिंह तोमर, निचार की उपमंडलाधिकारी नागरिक नेहा नेगी, उपमंडलीय पुलिस अधिकारी वरुण पटियाल, स्थानीय पंचायत प्रधान सुदर्शना नेगी, उपप्रधान जय राम नेगी, विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्थानीय लोग उपस्थित रहे।