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मंडी के कनेड (नौलखा–डडौर) में अंडरपास निर्माण की मांग तेज, पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधीश को सौंपा ज्ञापन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 3 Hours Ago • 1 Min Read

कनेड पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने मंडी के जिलाधीश को ज्ञापन सौंपकर नौलखा–डडौर क्षेत्र में शीघ्र अंडरपास निर्माण की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय, सरकारी कार्यालयों और आसपास की पंचायतों के लोगों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।

मंडी

जिलाधीश को सौंपा गया ज्ञापन

कनेड पंचायत के प्रतिनिधिमंडल ने 22 जुलाई 2026 को पंचायत प्रधान उषा वर्मा की अध्यक्षता में मंडी के जिलाधीश अपूर्व देवगन से मुलाकात कर नौलखा–डडौर क्षेत्र में अंडरपास निर्माण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि फोरलेन सड़क बनने के बाद क्षेत्र के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और सुरक्षित आवागमन के लिए अंडरपास का निर्माण आवश्यक है। ज्ञापन में प्रशासन से जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्माण प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने का आग्रह किया गया।

प्रतिनिधिमंडल में कई जनप्रतिनिधि और सामाजिक संस्थाओं के सदस्य शामिल

प्रतिनिधिमंडल में जिला परिषद महादेव वार्ड की सदस्य किरणा चौहान, बीडीसी सदस्य शिल्पा सैनी, उपप्रधान मनोज कुमार, फोरलेन संघर्ष समिति के विजय ठाकुर, किसान सभा के जोगिन्दर वालिया सहित पंचायत के सभी वार्ड सदस्यों का प्रतिनिधित्व रहा। इसके अलावा व्यापार मंडल के प्रधान राजू राम, स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान संदीप कुमार, किशोरी वालिया, पूर्व प्रधान भूपेन्द्र वालिया, विजय अबरोल, दामोदर चौहान तथा अन्य स्थानीय प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। सभी ने संयुक्त रूप से अंडरपास निर्माण की आवश्यकता पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

7–8 पंचायतों और 500 से अधिक विद्यार्थियों को होगा लाभ

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि कनेड के आसपास की लगभग 7 से 8 पंचायतों के लोगों का दैनिक आवागमन इसी मार्ग से होता है। इसके अतिरिक्त कनेड विद्यालय में 500 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिन्हें फोरलेन सड़क पार करने के लिए सुरक्षित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों, पशुपालकों और स्थानीय नागरिकों को कृषि उपज, पशुओं तथा अन्य आवश्यक कार्यों के लिए सड़क पार करने में कठिनाई होती है। उनका कहना है कि अंडरपास बनने से स्थानीय आवागमन अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित हो सकेगा।

सरकारी संस्थानों तक पहुंच आसान बनाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सिविल डिस्पेंसरी, पटवार कार्यालय, पशु चिकित्सालय और पंचायत कार्यालय फोरलेन के दूसरी ओर स्थित हैं। ऐसे में मरीजों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं तथा अन्य ग्रामीणों को इन संस्थानों तक पहुंचने में अतिरिक्त दूरी और असुविधा का सामना करना पड़ता है। पंचायत ने सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव का हवाला देते हुए प्रशासन से इस स्थान पर अंडरपास निर्माण को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया।

समयबद्ध कार्रवाई की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। ज्ञापन में कहा गया कि यदि मांग पर समयबद्ध निर्णय नहीं लिया जाता है तो ग्रामीण लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन के समक्ष रखने के लिए आगे की रणनीति तय करेंगे।

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