जिला कांगड़ा में डीएलआरसी एवं डीसीसी बैठक आयोजित, बैंकिंग प्रदर्शन, कृषि ऋण और वित्तीय समावेशन की हुई समीक्षा
जिला कांगड़ा में आयोजित डीएलआरसी एवं डीसीसी बैठक में वर्ष 2025-26 के बैंकिंग प्रदर्शन, वित्तीय समावेशन, कृषि ऋण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों तक ऋण पहुंच बढ़ाने और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
धर्मशाला
बैंकिंग प्रदर्शन और ऋण वितरण की समीक्षा
जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) एवं जिला स्तरीय बैंक सलाहकार समिति (डीसीसी) की बैठक अतिरिक्त उपायुक्त विनय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मार्च 2026 तिमाही तक जिला कांगड़ा में संचालित बैंकिंग योजनाओं, वित्तीय समावेशन, कृषि एवं डेयरी क्षेत्र में ऋण वितरण, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा डिजिटल बैंकिंग से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा की।
वार्षिक ऋण लक्ष्य के अनुरूप रहा प्रदर्शन
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित 8,984.84 करोड़ रुपये के वार्षिक ऋण लक्ष्य के मुकाबले बैंकों ने 8,955.99 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया। जिले में कुल बैंक जमा राशि बढ़कर 51,167.36 करोड़ रुपये हो गई, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 14.68 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं कुल ऋण राशि 13,545.15 करोड़ रुपये तक पहुंची, जो 13.34 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि को दर्शाती है।
डेयरी, कृषि और किसान क्रेडिट कार्ड पर विशेष जोर
बैठक में ढगवार मिल्क प्लांट की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डेयरी क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर बल दिया गया। कृषि क्षेत्र में किसानों तक ऋण सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने, कृषि यंत्रीकरण, कृषि अवसंरचना विकास तथा किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ऋण वितरण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। मार्च 2026 तक कृषि क्षेत्र को 1,942.63 करोड़ रुपये का कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया, जो कुल ऋण वितरण का 18.09 प्रतिशत रहा।
कृषिका ऐप और वित्तीय योजनाओं के विस्तार पर चर्चा
अतिरिक्त उपायुक्त ने ‘खेती बचाओ अभियान’ के अंतर्गत कृषिका ऐप के माध्यम से नए किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। बैठक में मत्स्य एवं जलीय कृषि अवसंरचना विकास निधि, कोल्ड चेन, भंडारण सुविधाओं तथा डिजिटल ऋण पहलों के बेहतर उपयोग पर भी चर्चा की गई ताकि किसानों और कृषि संगठनों को संस्थागत बैंकिंग सेवाओं से अधिक लाभ मिल सके।
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में अधिक पात्र लोगों को जोड़ने के निर्देश
बैठक में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से अधिक पात्र लाभार्थियों को जोड़ने के लिए विशेष शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बैंक खाते खोलते समय नामांकन प्रक्रिया को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने और ग्राहकों को इसके महत्व के बारे में जागरूक करने पर भी बल दिया गया।
स्वरोजगार योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर बल
अतिरिक्त उपायुक्त ने सभी बैंकों से स्वरोजगार योजनाओं, सरकारी ऋण योजनाओं तथा वित्तीय सेवाओं का लाभ पात्र युवाओं, महिलाओं, किसानों और उद्यमियों तक पहुंचाने का आग्रह किया। उन्होंने कुछ बैंकों के अपेक्षाकृत धीमे प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए फील्ड विजिट बढ़ाने और अगली बैठक में प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
15 जून से 15 जुलाई तक विशेष अभियान जारी
मुख्य अग्रणी बैंक जिला प्रबंधक पृथ्वी रणवीर ने बताया कि वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के निर्देशानुसार 15 जून से 15 जुलाई तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों एवं शहरी स्थानीय निकायों में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत विशेष संतृप्ति अभियान संचालित किया जा रहा है। उन्होंने सभी बैंक अधिकारियों से अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।