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Krishan Pareek Aura Healing / हिमाचल में पहली बार शुरू हुआ आभामंडल ट्रीटमेंट, डॉ. कृष्ण पारीक ने किया ऑरा क्लीनिंग का शुभारंभ

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 3 Jul 2025 • 1 Min Read

Krishan Pareek Aura Healing : हिमाचल में प्राचीन ऊर्जा उपचार पद्धति और आधुनिक विज्ञान का संगम, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण की नई राह

शिमला

ऑरा क्लीनिंग से मिली चिकित्सा और आध्यात्मिक उपचार को नई पहचान
देवभूमि हिमाचल में पहली बार ‘आभामंडल ट्रीटमेंट’ यानी ‘ऑरा क्लीनिंग’ की औपचारिक शुरुआत हुई है। यह उपचार पद्धति व्यक्ति, पशु और प्रकृति की ऊर्जा को केंद्र में रखती है और विभिन्न मानसिक, शारीरिक तथा आध्यात्मिक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करती है। डॉ. कृष्ण पारीक ने इसे सोशल कॉज के साथ प्रारंभ किया है।

शत-प्रतिशत वैज्ञानिक और पारंपरिक पद्धतियों से अलग
यह ट्रीटमेंट पूरी तरह से वैज्ञानिक आधार पर काम करता है और जन्मपत्री, तांत्रिक या मांत्रिक विधियों से ऊपर है। इसकी सहायता से न केवल ग्रह दोष बल्कि शरीर में छिपी बीमारियों और नकारात्मक ऊर्जा की पहचान की जा सकती है। यह उपचार गृह दोषों से लेकर शारीरिक कष्टों तक प्रभावी बताया जा रहा है।

ऑरा स्कैनर से तुरंत पता चलती हैं समस्याएं
डॉ. पारीक के अनुसार ‘ऑरा स्कैनर’ नामक तकनीक से किसी व्यक्ति के ऊर्जा क्षेत्र का विश्लेषण कर यह पता लगाया जा सकता है कि वह किस दोष या बीमारी से पीड़ित है। इस प्रक्रिया से उपचार सीधा, केंद्रित और तेज़ होता है, जिससे रोगी को शीघ्र लाभ मिलता है।

प्राचीन भारतीय पद्धति को आधुनिक मंच देने का प्रयास
डॉ. पारीक, जो पेशे से इंडस्ट्रियल कंसल्टेंट हैं, ने इस अनोखी पद्धति को हिमाचल लाकर एक नए बदलाव की नींव रखी है। उनका प्रयास है कि प्राचीन भारतीय ज्ञान को विज्ञान की कसौटी पर परख कर जनसाधारण के लिए सुलभ बनाया जाए। यह पहल हिमाचल के लोगों को एक नया विकल्प देगी — न केवल शरीर के उपचार के लिए, बल्कि मानसिक और आत्मिक शुद्धि के लिए भी।