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कुल्लू में दूध के नमूनों में डिटर्जेंट अवशेष पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने विक्रेताओं को दी चेतावनी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 6 Hours Ago • 1 Min Read

खाद्य सुरक्षा विभाग कुल्लू द्वारा चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान भुट्टी चौक क्षेत्र में दूध और पनीर के लगभग 15 नमूनों की जांच की गई, जिसमें अधिकांश दूध के नमूनों में डिटर्जेंट के अवशेष पाए गए। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह स्थिति संभवतः कंटेनरों की सफाई के बाद पर्याप्त रूप से पानी से न धोए जाने के कारण उत्पन्न हुई है, जिसे खाद्य सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर माना गया है और विक्रेताओं को स्वच्छता मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

कुल्लू

विशेष निरीक्षण अभियान में नमूनों की जांच

खाद्य सुरक्षा विभाग कुल्लू की टीम ने सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा अनिल शर्मा के निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीम सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार सुबह भुट्टी चौक क्षेत्र में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान दूध और पनीर के लगभग 15 नमूनों की जांच की गई, जिसका उद्देश्य बाजार में उपलब्ध डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों की निगरानी करना था।निरीक्षण के दौरान मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (MFTL) की प्रभारी एवं फूड एनालिस्ट दिव्या ठाकुर द्वारा नमूनों की प्रारंभिक जांच की गई। जांच में अधिकांश दूध के नमूनों में डिटर्जेंट के अवशेष पाए गए, जबकि यूरिया और स्टार्च की मिलावट नहीं पाई गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण मुख्य रूप से जागरूकता और निगरानी के उद्देश्य से किया गया था, इसलिए मौके पर तत्काल कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।

स्वच्छता मानकों में लापरवाही की संभावना

विभागीय आकलन के अनुसार प्रथम दृष्टया यह संभावना सामने आई है कि दूध संग्रहण के लिए उपयोग किए जाने वाले कंटेनरों और कैनों की सफाई के बाद उन्हें पर्याप्त स्वच्छ पानी से ठीक से नहीं धोया गया, जिसके कारण डिटर्जेंट के अवशेष दूध में पहुंचे। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे रासायनिक अवशेष मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं और यह खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप गंभीर विषय है।

विक्रेताओं को निर्देश और कानूनी चेतावनी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने दूध विक्रेताओं को कंटेनरों की उचित सफाई और स्वच्छता मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में दोबारा रासायनिक अवशेष पाए जाते हैं या खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 की धारा 59 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 1 से 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और कारावास का प्रावधान है। विभाग ने कहा कि ऐसे निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे।