प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत कुल्लू जिले में आपदा प्रभावित परिवारों को स्थायी घर उपलब्ध कराने के प्रयास रंग ला रहे हैं। वर्ष 2023-24 में इस योजना के अंतर्गत 636 घरों के निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। इनमें से 440 घरों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 196 घरों का कार्य अभी प्रगति पर है।
636 घरों की स्वीकृति, 440 घर पूरे
जिला ग्रामीण विकास अधिकारी (DRDO) की उपनिदेशक जयवंती ठाकुर ने जानकारी दी कि आपदा प्रभावित परिवारों को गृह निर्माण के लिए ₹1,30,000 की सहायता राशि प्रदान की गई है।
- पहली किश्त से निर्माण: सभी 636 परिवारों को पहली किश्त जारी की गई थी, जिससे 440 घर बनकर तैयार हो गए।
- शेष कार्य प्रगति पर: अभी 196 घरों का निर्माण कार्य जारी है।
कुल्लू जिले की उत्कृष्ट प्रगति
जयवंती ठाकुर ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में कुल्लू जिला गृह निर्माण में दूसरे स्थान पर है। निर्माण कार्य में स्थानीय अधिकारियों और पंचायतों ने शानदार प्रगति दिखाई है।
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- कंप्लीशन रेट: कुल्लू जिले ने 70% से अधिक घरों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है।
- मनरेगा के तहत लाभ: लाभार्थी गृह निर्माण के साथ-साथ मनरेगा के तहत 95 दिनों का कार्य भी प्राप्त कर सकते हैं।
टॉयलेट निर्माण और अन्य सुविधाएं
योजना में टॉयलेट (IHHL) निर्माण के लिए भी प्रावधान किया गया है। यदि किसी घर में शौचालय की सुविधा नहीं है, तो ₹12,000 की अतिरिक्त राशि प्रदान की जा सकती है।
योजना का उद्देश्य
प्रधानमंत्री आवास योजना का मुख्य उद्देश्य है:
- आवासहीन परिवारों को स्थायी घर उपलब्ध कराना।
- आपदा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और मजबूत घर देना।
- ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना।
कुल्लू जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आपदा प्रभावित परिवारों के सपनों को साकार किया जा रहा है। 636 घरों में से 440 घरों का निर्माण पूरा होना बड़ी उपलब्धि है। शेष कार्य तेजी से पूरा करने का प्रयास जारी है, ताकि हर परिवार को सुरक्षित और स्थायी आवास मिल सके।
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