कुल्लू (हिमाचल प्रदेश): कुल्लू के अटल सदन रथ मैदान में तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आए सैकड़ों विद्वानों ने वेद मंत्रों का उच्चारण कर राष्ट्र रक्षा, सुख-समृद्धि और समाज कल्याण की कामना की। सम्मेलन का उद्देश्य सनातन संस्कृति के संरक्षण और वैदिक ज्ञान के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।
सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियां:
- पहला सत्र: विद्वानों द्वारा वेद मंत्रों का सामूहिक उच्चारण।
- दूसरा सत्र: शोभा यात्रा का आयोजन, जिसमें वैदिक पाठ के साथ सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।
- अगले दो दिन: वैदिक अनुष्ठान, धार्मिक प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन।
शोभा यात्रा के दौरान श्री व्यास संस्कृत महाविद्यालय कुल्लू के प्राचार्य एवं आयोजक डॉ. ओम शर्मा ने कहा:
“शोभा यात्रा के माध्यम से वैदिक ज्ञान का प्रचार किया जा रहा है। हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा दिए गए मंत्रों का प्रभाव न केवल पर्यावरण को शुद्ध करता है बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।”
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उन्होंने आगे कहा कि वेदों में छिपा हुआ ज्ञान हर व्यक्ति के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है और आने वाली पीढ़ियों को भी अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करता है।
सम्मेलन के मुख्य उद्देश्य:
- वैदिक ज्ञान का संरक्षण और प्रचार-प्रसार।
- समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना।
- युवाओं को भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना।
इस सम्मेलन के माध्यम से कुल्लू की देवभूमि वेद मंत्रों की गूंज से पवित्र हो गई है और आयोजन स्थल पर एक आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण हुआ है। आने वाले दो दिनों तक यह कार्यक्रम जारी रहेगा जिसमें कई धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी।
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