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कुंजुम टनल के सर्वे और डीपीआर का भरोसा, स्पीति के विकास पर खर्च होंगे 500 करोड़ रुपये

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 45 Mins Ago • 1 Min Read

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कुंजुम पास के नीचे प्रस्तावित टनल के लिए सर्वे करवाने और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का आश्वासन दिया है। काजा में आयोजित जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले समय में स्पीति के विकास पर 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। उन्होंने काजा में हेलिपोर्ट का सर्वे करवाने, कॉलेज खोलने की संभावनाएं तलाशने और स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करने की भी जानकारी दी।

काजा

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंजुम टनल बनने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को वर्षभर बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध हो सकेगा। प्रदेश सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है और शुरुआती स्तर पर सर्वे तथा डीपीआर तैयार की जाएगी। उन्होंने काजा में हेलिपोर्ट निर्माण के लिए भी सर्वे करवाने का भरोसा दिया। सरकार का मानना है कि हेलिपोर्ट बनने से क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को भी इसका लाभ प्राप्त होगा।

बिजली व्यवस्था पर 350 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि समदो-काजा ट्रांसमिशन लाइन का काम तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का करीब 42 प्रतिशत भू-भाग शीत मरुस्थलीय क्षेत्र में आता है और सरकार यहां रहने वाली आबादी के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। उनके अनुसार, क्षेत्र में बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए शुरू किए गए प्रयास अब धरातल पर दिखाई देने लगे हैं।

स्पीति घाटी को प्राकृतिक खेती क्षेत्र घोषित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्थानीय लोगों की आय दोगुनी करने की दिशा में काम कर रही है। काजा में कॉलेज खोलने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ और मेडिसिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी। विधायक अनुराधा राणा ने बताया कि क्षेत्र को 12 वर्षों बाद खंड चिकित्सा अधिकारी मिला है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति से स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ है।

कर्मचारियों और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार का पक्ष

मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के कल्याण और पुरानी पेंशन योजना के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि दिवाली के अवसर पर महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने पर विचार किया जाएगा। पुरानी पेंशन योजना को कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जोड़ते हुए उन्होंने आने वाले समय में और कर्मचारियों को इसके दायरे में लाने पर विचार करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि ओपीएस लागू करने के कारण केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को प्रतिवर्ष मिलने वाले 1,600 करोड़ रुपये रोक दिए हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकार के समय प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की उपलब्धता 35 प्रतिशत थी, जो वर्तमान सरकार के प्रयासों से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने क्रिटिकल केयर ब्लॉक का काम शुरू करवाया है। आयुष्मान भारत योजना में वर्ष 2023 से 2027 के बीच प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 26 करोड़ रुपये है, जबकि इसके क्रियान्वयन के लिए राज्य ने लगभग 204 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर आधुनिक चिकित्सा तकनीक उपलब्ध करवाने के लिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से धन खर्च कर रही है। उन्होंने दावा किया कि भ्रष्टाचार के रास्ते बंद करके सरकार ने 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की है और इस धनराशि का उपयोग जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन में किया जा रहा है। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में इलाज के लिए प्रदेश से बाहर जाने पर करीब 1,000 करोड़ रुपये खर्च होने का भी उल्लेख किया।

महिलाओं और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं की जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देने की शुरुआत स्पीति से की गई थी। उन्होंने ‘अपना परिवार, सुखी परिवार’ योजना शुरू करने की जानकारी देते हुए कहा कि इसमें पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन, 300 यूनिट मुफ्त बिजली और प्रतिवर्ष 10 लाख रुपये का बीमा देने का प्रावधान होगा। जनसभा में मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक और भाजपा पर राजनीतिक आरोप भी लगाए तथा कहा कि कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं के भविष्य का फैसला प्रदेश की जनता करेगी।

विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 75 करोड़ रुपये की लागत से आइस हॉकी ग्राउंड और आठ करोड़ रुपये की लागत से क्रिकेट ग्राउंड स्वीकृत किया गया है। स्पीति में स्टार गेजिंग की शुरुआत की गई है और शीतकालीन खेलों को प्रोत्साहित करने के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने नौतोड़ के मुद्दे पर कहा कि राज्य सरकार इस विषय को लगातार राज्यपाल के समक्ष उठा रही है और क्षेत्र में अगले दो से तीन वर्षों में चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध करवाने के प्रयास जारी हैं।

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