Loading...

POCSO / नाबालिग से दुष्कर्म मामले में युवक दोषी, 20 वर्ष की कठोर कैद

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

POCSO / ऊना की विशेष अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में पंजाब के गुरदासपुर जिले के फतेहगढ़ चूड़ियां निवासी अनमोल को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष की कठोर कैद सुनाई है। अदालत ने दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत तीन वर्ष की कैद भी दी है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। इसके साथ ही पीड़िता को सात लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

ऊना

विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रकाश चंद राणा ने दोषी पर क्रमशः 50 हजार और 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। अदालत के आदेश के अनुसार जुर्माना नहीं चुकाने पर दोषी को छह महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जिला न्यायवादी एकलव्य के अनुसार मामला 11 अप्रैल 2023 को सामने आया था, जब पीड़िता के पिता ने महिला पुलिस थाना ऊना में अपनी 15 वर्षीय बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी।

होटल से मिले थे किशोरी और आरोपी

शिकायत में पिता ने बताया था कि उनकी बेटी ऊना बस स्टैंड पर एक युवक को इशारा करने के बाद उसके साथ चली गई थी। परिजनों ने किशोरी के होशियारपुर में होने की आशंका जताई थी। बाद में किशोरी और आरोपी युवक वहां एक होटल में मिले। पुलिस ने होटल से साक्ष्य जुटाने के साथ किशोरी के बयान दर्ज किए। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि युवक उसे झांसा देकर होशियारपुर ले गया और होटल के कमरे में उसके साथ दुष्कर्म किया।

अभियोजन पक्ष ने पेश किए 16 गवाह

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष कुल 16 गवाह पेश किए। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद आरोपी को दोषी ठहराया। इसके बाद पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत 20 वर्ष की कठोर कैद और धारा 363 के तहत तीन वर्ष की कैद का फैसला सुनाया गया। अदालत ने पीड़िता के लिए सात लाख रुपये की मुआवजा राशि भी निर्धारित की है।

Related Topics: •