Himachalnow / शिमला
हिमाचल प्रदेश में खाद्य तेल की कमी पिछले दो महीनों से उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। सरकार ने इस समस्या को हल करने के लिए हाल ही में टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी, जिससे उपभोक्ताओं को जल्द तेल मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, टेंडर की दरें अधिक होने के कारण सरकार ने इसे रद्द कर दिया। अब सरकार नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने तक तीन महीने का तेल एक साथ उपभोक्ताओं को उपलब्ध हो जाएगा।
1. टेंडर प्रक्रिया रद्द: तेल की दरें अधिक होने पर सरकार का निर्णय
उपभोक्ताओं को तेल मिलने में होगी देरी
हिमाचल प्रदेश में पिछले दो महीनों से सस्ते राशन डिपुओं से उपभोक्ताओं को तेल नहीं मिल पा रहा है। इस दौरान, विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू की थी, जिससे तेल की आपूर्ति में सुधार होने की उम्मीद जगी थी। लेकिन, जब तेल की कीमतें अधिक आईं, तो सरकार ने टेंडर को रद्द कर दिया।
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नया टेंडर जारी: तेल कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित
सरकार ने अब नई प्रक्रिया के तहत तेल की आपूर्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया को फिर से शुरू किया है। खाद्य आपूर्ति निगम ने तेल कंपनियों से निविदाएं आमंत्रित की हैं। सरसों तेल के लिए 3 जनवरी और रिफाइंड तेल के लिए 4 जनवरी तक आवेदन की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है।
2. सरकार का दावा: तीन महीने का तेल एक साथ मिलेगा
जल्द पूरी होगी टेंडर प्रक्रिया
खाद्य आपूर्ति निगम के प्रबंध निदेशक राजेश्वर गोयल ने बताया कि पुराना टेंडर रद्द कर दिया गया है और अब तेल की आपूर्ति के लिए नए सिरे से निविदाएं ली जा रही हैं। उनका दावा है कि निविदाओं की प्रक्रिया जल्द पूरी हो जाएगी और उपभोक्ताओं को तीन महीने का तेल एक साथ उपलब्ध कराया जाएगा।
तीन महीने का तेल देने की योजना
सरकार का कहना है कि अगले महीने तक टेंडर प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिसके बाद उपभोक्ताओं को तीन महीने का तेल एक साथ वितरित किया जाएगा। इससे तेल की कमी की समस्या हल हो सकती है और उपभोक्ताओं को निरंतर आपूर्ति मिल सकेगी।
3. बाजार में तेल की कीमतें: उपभोक्ताओं को हो रही मुश्किलें
तेल के लिए बाजार का रुख
सरकारी डिपो से तेल की आपूर्ति बंद होने के कारण उपभोक्ताओं को बाजार में सरसों तेल और रिफाइंड तेल की अधिक कीमतों पर खरीदारी करनी पड़ रही है। बाजार में सरसों तेल की कीमत 160 से 200 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जिससे आम उपभोक्ता की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
राशन कार्ड धारकों की संख्या
हिमाचल प्रदेश में कुल 19.5 लाख राशन कार्ड धारक हैं, जिनमें से अधिकांश को दो महीनों से तेल का वितरण नहीं हो पाया है। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि आने वाले महीनों में तेल की आपूर्ति स्थिर रहे और उपभोक्ताओं को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
निष्कर्ष
सरकार तीन महीने का तेल एक साथ उपभोक्ताओं को देने का दावा कर रही है। हालांकि, पुराने टेंडर रद्द होने के बाद नई प्रक्रिया के तहत तेल की आपूर्ति में समय लगेगा, लेकिन उपभोक्ताओं को जल्द राहत मिलने की संभावना है।
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