Monsoon / मानसून के दौरान कांगड़ा में नदियों, खड्डों और जलाशयों के समीप जाने पर प्रतिबंध लागू
Monsoon : मानसून के दौरान जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन कांगड़ा ने नदियों, खड्डों, नालों, झरनों, बांधों और अन्य जल स्रोतों के समीप जाने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया है। आदेशों के तहत पर्यटकों और आम नागरिकों को जोखिम वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा संबंधित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
धर्मशाला
जिला प्रशासन ने जारी किए प्रतिबंधात्मक आदेश
उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) कांगड़ा हेमराज बैरवा ने मानसून के दौरान जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत आदेश जारी किए हैं। आदेशों के अनुसार जिला कांगड़ा में नदियों, खड्डों, नालों, झरनों, बांधों, जलाशयों तथा अन्य जल स्रोतों के समीप जाने और जोखिमपूर्ण गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य संभावित जोखिमों को कम करना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारी वर्षा के दौरान बरतें विशेष सावधानी
उपायुक्त ने बताया कि मानसून के दौरान भारी वर्षा के कारण नदियों, खड्डों और अन्य जल स्रोतों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड, तेज बहाव और भूस्खलन जैसी परिस्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में आम नागरिकों, पर्यटकों और आगंतुकों को वर्षा के दौरान अथवा उसके तुरंत बाद जल स्रोतों के समीप नहीं जाने, जलमग्न सड़कों, पुलों, पुलियों अथवा बहाव वाले मार्गों को पार करने का प्रयास नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन गतिविधियों पर रहेगी रोक
जारी आदेशों के अनुसार नदियों एवं अन्य जल स्रोतों में स्नान, तैराकी, मछली पकड़ना, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। साथ ही अभिभावकों से बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने की अपील की गई है। होटल एवं होम-स्टे संचालकों, टूर ऑपरेटरों, टैक्सी ऑपरेटरों तथा एडवेंचर पर्यटन से जुड़े सभी हितधारकों को भी पर्यटकों को संभावित जोखिमों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी के निर्देश
उपायुक्त ने सभी उपमंडल अधिकारियों, पुलिस, पंचायती राज संस्थाओं, शहरी निकायों तथा संबंधित विभागों को आदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, बैरिकेडिंग करने तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन सेवाएं तथा अन्य संबंधित विभाग पूरे मानसून के दौरान सतर्क रहेंगे। किसी भी आपदा अथवा जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (डीईओसी) को सूचना देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का उल्लंघन करने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
