नाहन, पांवटा और राजगढ़ में प्रचार पर प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर सिरमौर जिला प्रशासन ने मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ में सार्वजनिक सभा, जुलूस और इलेक्ट्रॉनिक प्रचार पर प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने निर्वाचन नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
राजगढ़
सिरमौर जिला प्रशासन ने नगर निकाय चुनाव 2026 को लेकर बड़ा आदेश जारी करते हुए नाहन, पांवटा साहिब और नगर पंचायत राजगढ़ में मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। यह आदेश 17 मई को होने वाले मतदान को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (नगर निकाय) प्रियंका वर्मा द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1994 की धारा 304(बी) के तहत मतदान समाप्त होने से 48 घंटे पहले किसी भी प्रकार की चुनावी सभा, जुलूस, सार्वजनिक बैठक या प्रचार कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह प्रतिबंध 17 मई 2026 को दोपहर 3 बजे तक प्रभावी रहेगा।
राजगढ़ के एसडीएम राजकुमार ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दौरान टीवी, सिनेमा, लाउडस्पीकर अथवा अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से चुनाव प्रचार करने पर भी पूर्ण रोक रहेगी। साथ ही कोई भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी या समर्थक मतदान क्षेत्र में संगीत कार्यक्रम, सांस्कृतिक आयोजन, मनोरंजन कार्यक्रम अथवा भीड़ जुटाने वाले आयोजन नहीं कर सकेगा।
प्रशासन ने चुनावी माहौल को शांत बनाए रखने के लिए सभी राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को निर्वाचन नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा है कि चुनाव आचार संहिता और निर्वाचन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1994 के तहत कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रशासन, पुलिस विभाग और निर्वाचन अधिकारियों को नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पहले ही नगर निकाय चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा चुका है, जिसके तहत 17 मई को मतदान होना निर्धारित है। सिरमौर जिले के नाहन, पांवटा साहिब और राजगढ़ में चुनावी गतिविधियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंके हुए हैं।
