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नाहन में सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक की

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

नाहन में सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरूणा महाजन ने महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन, मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना और महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।

नाहन

समीक्षा बैठक आयोजित

सक्षम गुड़िया बोर्ड की उपाध्यक्ष अरूणा महाजन ने शुक्रवार को नाहन स्थित कल्याण भवन के सभागार में महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

महिला एवं बाल सुरक्षा पर दिया गया जोर

उपाध्यक्ष ने कहा कि सक्षम गुड़िया बोर्ड का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा, कानूनी जागरूकता तथा सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि गुड़िया हेल्पलाइन 1515 आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंदों को सहायता और परामर्श उपलब्ध कराती है। साथ ही बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कौशल प्रशिक्षण एवं अन्य सहयोग भी प्रदान किया जाता है।

अधिकारियों को दिए निर्देश

अरूणा महाजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाया जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखआश्रय योजना की जिला स्तर पर प्रगति की भी जानकारी ली। इसके अलावा आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने, निर्धारित समयानुसार संचालन सुनिश्चित करने तथा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी पहनने के निर्देश दिए।

नशा जागरूकता और विभागीय जानकारी

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशे के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूकता गतिविधियां भी संचालित की जाएं। बैठक के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि जिले में 1,486 आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 12,617 गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा छह माह से छह वर्ष तक के 26,533 बच्चों को पोषण एवं अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत सिरमौर जिले में जन्म के समय लिंगानुपात गत वर्ष 957 से बढ़कर इस वर्ष 1018 दर्ज किया गया है।

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