राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस: 18 सितंबर को 2.15 लाख बच्चों को एल्बेंडाजोल देने का लक्ष्य
शिमला जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के तहत 18 सितंबर को एक दिवसीय अभियान चलाया जाएगा। इसमें 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 2,15,738 बच्चों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान के दौरान 1 से 5 वर्ष तक के 51,660 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी दी जाएगी। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त एवं निजी स्कूलों के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पात्र बच्चों को अभियान में शामिल किया जाएगा।
शिमला
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस और एचपीवी टीकाकरण अभियान की तैयारियों एवं प्रगति की समीक्षा के लिए जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अभियान के सफल संचालन के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का पहला चरण 18 सितंबर को शिमला सहित पूरे प्रदेश में आयोजित होगा। अभियान के तहत नर्सरी से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों को संबंधित स्कूलों के माध्यम से एल्बेंडाजोल की खुराक दी जाएगी।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से अभियान
अभियान में 5 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली दी जाएगी, जबकि 1 से 5 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से शामिल किया जाएगा। इस आयु वर्ग के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक भी प्रदान की जाएगी। जिले में अभियान के संचालन के लिए 2,105 सरकारी स्कूल, 450 निजी स्कूल और 2,154 आंगनबाड़ी केंद्र जोड़े गए हैं। इसके अतिरिक्त 997 आशा कार्यकर्ता भी अभियान के क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी।
स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से अभियान का संचालन करेंगे। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस से संबंधित गतिविधियां भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशा-निर्देशों के अनुसार वर्ष में दो बार आयोजित की जाती हैं। शिमला जिले में यह अभियान फरवरी 2015 से नियमित रूप से चलाया जा रहा है। जिला स्तर पर निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 1 से 19 वर्ष के 2,15,738 बच्चों को एल्बेंडाजोल और 1 से 5 वर्ष के 51,660 बच्चों को विटामिन-ए की खुराक दी जानी है।