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शिक्षक शिक्षा में बड़ा बदलाव: 2026-27 से चार वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स होगा अनिवार्य

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की नई एडवाइजरी के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 12वीं के बाद शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम के माध्यम से प्रशिक्षण पूरा करना होगा। नई प्रवेश व्यवस्था में परीक्षा परिणाम के साथ पात्रता, काउंसलिंग, दस्तावेज सत्यापन और उपलब्ध सीटों को भी ध्यान में रखा जाएगा। विश्वविद्यालयों और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को नए नियमों के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया तथा पाठ्यक्रम संबंधी तैयारियां करनी होंगी।

शिमला

नई व्यवस्था के तहत हिमाचल प्रदेश के उन विद्यार्थियों के लिए शिक्षक बनने की प्रक्रिया बदलेगी, जो 12वीं के बाद इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। चार वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम में स्नातक स्तर की पढ़ाई और शिक्षक प्रशिक्षण एक साथ कराया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शुरू किए गए इस कार्यक्रम में बीए-बीएड और बीएससी-बीएड जैसे पाठ्यक्रम शामिल हैं। इनमें विद्यार्थी अपने स्नातक विषयों के अध्ययन के साथ शिक्षक बनने के लिए जरूरी प्रशिक्षण भी प्राप्त करेंगे।

संस्थानों को नई प्रवेश व्यवस्था अपनाने के निर्देश

एनसीटीई की एडवाइजरी के मुताबिक शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने वाले विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को नए नियमों के अनुरूप व्यवस्था तैयार करनी होगी। संस्थानों को उम्मीदवारों की पात्रता और निर्धारित मानकों के आधार पर मेरिट सूची बनानी होगी। प्रवेश के लिए केवल परीक्षा परिणाम पर निर्भर नहीं रहा जाएगा। काउंसलिंग, दस्तावेजों की जांच, पात्रता और सीटों की उपलब्धता भी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगी। इसका उद्देश्य निर्धारित योग्यता पूरी करने वाले विद्यार्थियों को पारदर्शी तरीके से प्रवेश देना है।

विषय ज्ञान के साथ शिक्षण तकनीक पर जोर

चार वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम में विषय आधारित अध्ययन के साथ आधुनिक शिक्षण तकनीकों और व्यावहारिक प्रशिक्षण को जोड़ा जाएगा। विद्यार्थियों को विषयवस्तु की समझ के अलावा कक्षा में बच्चों को प्रभावी ढंग से पढ़ाने, शिक्षण विधियों का उपयोग करने और कक्षा प्रबंधन का प्रशिक्षण भी मिलेगा। नई व्यवस्था के पीछे शिक्षक शिक्षा को अधिक व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण बनाना है, ताकि भावी शिक्षक विषय ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षण कौशल भी विकसित कर सकें।

2026-27 सत्र के लिए करनी होगी तैयारी

नई एडवाइजरी के बाद विश्वविद्यालयों और शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया और पाठ्यक्रम से जुड़ी तैयारियां समय पर पूरी करनी होंगी। संस्थानों को मेरिट सूची तैयार करने से लेकर काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन तक सभी चरण निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित करने होंगे। शिक्षक शिक्षा में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्यार्थियों को भी आवेदन से पहले संबंधित संस्थान की पात्रता शर्तों, पाठ्यक्रम और प्रवेश नियमों की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

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