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NDPS / दो मामलों की जांच में खुला चिट्टा नेटवर्क, चंडीगढ़ से तीन मुख्य सप्लायर गिरफ्तार

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 48 Mins Ago • 1 Min Read

NDPS / शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के दो अलग-अलग मामलों की जांच करते हुए चंडीगढ़ से तीन मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए हैं। आरोपियों तक पहुंचने के लिए मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन की जांच की गई। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 93 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए गए हैं, जबकि 68 अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई हुई है।

शिमला

पहला मामला 11 अक्टूबर को शोघी चौकी के पास हुई नाकाबंदी से जुड़ा है। पुलिस ने एक बस की तलाशी के दौरान शोघी निवासी भुवनेश चौहान और बानकुफर, कोटखाई निवासी गुलशन ठाकुर के कब्जे से करीब 22 ग्राम चिट्टा बरामद किया था। दोनों से पूछताछ और उनके मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों की जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि वे चंडीगढ़ से चिट्टा खरीदकर शिमला लाते थे। इसके बाद पुलिस ने सप्लाई स्रोत से जुड़ी कड़ियों की जांच आगे बढ़ाई।

बैंक खाते के लेन-देन से मिली सप्लायरों की जानकारी

जांच के दौरान पुलिस को पंजाब के फिरोजपुर जिले के विकास उर्फ आकाश और साजन उर्फ सैम की भूमिका का पता चला। पुलिस के अनुसार, विकास इस मामले में मुख्य सप्लायर था और नशे के कारोबार से मिलने वाली रकम के लेन-देन के लिए साजन के बैंक खाते का इस्तेमाल करता था। साजन मुख्य सप्लायर और आगे चिट्टा पहुंचाने वाले लोगों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता था। बालूगंज पुलिस थाने की विशेष टीम ने 27 अक्टूबर को चंडीगढ़ से दोनों को गिरफ्तार किया। मामले के सभी चार आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

दूसरा मामला 27 सितंबर को सामने आया था। शोघी चौकी के पास बस की जांच के दौरान पुलिस ने कुल्लू निवासी क्षितिज वर्मा को करीब छह ग्राम चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों की जांच में पुलिस को पता चला कि वह चंडीगढ़ के मनीमाजरा निवासी रोहित से चिट्टा खरीदकर लाया था। इस जानकारी के आधार पर बालूगंज थाना पुलिस की टीम ने चार अक्टूबर को मनीमाजरा में दबिश देकर रोहित पुत्र रामकृष्ण को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, रोहित मामले का मुख्य सप्लायर था और फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।

सप्लाई स्रोत तक पहुंचने पर पुलिस का जोर

एसएसपी शिमला गौरव सिंह के अनुसार, पुलिस की जांच अब केवल चिट्टे की खेप के साथ पकड़े गए आरोपियों तक सीमित नहीं है। बैंक खातों में हुए लेन-देन, मोबाइल फोन से मिले डिजिटल साक्ष्यों और अन्य जानकारियों की जांच कर सप्लाई स्रोतों की पहचान की जा रही है। पुलिस का प्रयास नशा तस्करी में शामिल मुख्य सप्लायरों और उनसे जुड़े पूरे नेटवर्क को सामने लाना है। दोनों मामलों में की गई कार्रवाई के दौरान भी सप्लाई की पिछली कड़ियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।

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