NDPS / शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 में NDPS मामलों में 291 आरोपियों को गिरफ्तार किया
NDPS : वर्ष 2026 के दौरान जिला शिमला पुलिस ने नशा तस्करी और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से जुड़े 136 मामले दर्ज किए हैं, जिनमें कुल 291 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान विभिन्न राज्यों से संचालित नशा आपूर्ति श्रृंखलाओं तक पहुंच बनाई गई और 33 अंतर्राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नेटवर्कों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।
शिमला
नशा तस्करी के विरुद्ध अभियान जारी
जिला शिमला पुलिस द्वारा वर्ष 2026 के दौरान मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध कारोबार के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार अब तक NDPS Act के तहत कुल 136 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 291 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई केवल बरामदगी तक सीमित नहीं रखी गई है, बल्कि मामलों की विस्तृत जांच के माध्यम से नशा आपूर्ति से जुड़े स्रोतों और नेटवर्कों की पहचान पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में निगरानी, सूचना संकलन और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
43 प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार मामलों की वैज्ञानिक एवं पेशेवर जांच के दौरान बैकवर्ड लिंक स्थापित करते हुए नशा आपूर्ति श्रृंखला तक पहुंच बनाई गई। इस प्रक्रिया में 43 ऐसे प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो विभिन्न क्षेत्रों में मादक पदार्थों की आपूर्ति और तस्करी से जुड़े पाए गए। ये गिरफ्तारियां पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल तथा इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र सहित विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से की गई हैं। पुलिस का कहना है कि इन गिरफ्तारियों के माध्यम से नशा तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्कों की कार्यप्रणाली और आपूर्ति तंत्र की जानकारी जुटाने में सहायता मिली है।
33 आपूर्ति नेटवर्कों पर कार्रवाई
जिला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 के दौरान की गई जांच और कार्रवाई के परिणामस्वरूप 33 अंतर्राज्यीय एवं अंतरराष्ट्रीय नशा आपूर्ति नेटवर्कों तक पहुंच बनाई गई है। पुलिस ने बताया कि इन नेटवर्कों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की गई है। जांच के दौरान विभिन्न राज्यों और सीमावर्ती क्षेत्रों से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की गई, जिससे मादक पदार्थों की आपूर्ति के स्रोतों और वितरण प्रणाली के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य नशा तस्करी से जुड़े संगठित नेटवर्कों की गतिविधियों पर निगरानी रखना और कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विभिन्न मादक पदार्थों की बरामदगी
वर्ष 2026 में अब तक की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 1.85 किलोग्राम हेरोइन (चिट्टा), 50 ग्राम मेथामफेटामाइन, 11.6 ग्राम एलएसडी, 14 किलोग्राम चरस तथा 11.5 किलोग्राम अफीम बरामद की है। पुलिस के अनुसार ये बरामदगियां जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दर्ज मामलों और विशेष अभियानों के दौरान की गई हैं। बरामद किए गए मादक पदार्थों को जांच प्रक्रिया के तहत जब्त कर संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बरामदगी के साथ-साथ इन पदार्थों की आपूर्ति और वितरण से जुड़े व्यक्तियों की पहचान भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
PITNDPS Act के तहत कार्रवाई
शिमला पुलिस ने आदतन नशा तस्करों के विरुद्ध PITNDPS Act के प्रावधानों के तहत भी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार अब तक 40 आरोपियों के खिलाफ निरोधात्मक डिटेंशन की कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है। यह कार्रवाई उन मामलों में की गई है जहां संबंधित व्यक्तियों की गतिविधियों का रिकॉर्ड और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कानूनी प्रावधान लागू किए गए। पुलिस का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कानून के निर्धारित प्रावधानों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
अवैध संपत्तियों को किया गया फ्रीज
नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों के विरुद्ध भी जिला पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार अब तक लगभग 1 करोड़ 13 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज की गई है। इनमें लक्जरी वाहन, मकान तथा नकदी शामिल हैं। संबंधित मामलों में वित्तीय जांच के माध्यम से उन संपत्तियों की पहचान की गई, जिनके बारे में जांच एजेंसियों को अवैध गतिविधियों से जुड़े होने की जानकारी प्राप्त हुई। पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य अवैध आर्थिक लाभ से संबंधित मामलों की जांच को आगे बढ़ाना और कानून के तहत आवश्यक कदम उठाना है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
जिला शिमला पुलिस के अनुसार नशा तस्करी से जुड़े मामलों में आपूर्ति नेटवर्क, वित्तीय गतिविधियों, अवैध संपत्तियों और संगठित तस्करी से जुड़े पहलुओं की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि तकनीकी जांच, खुफिया सूचनाओं और अंतरराज्यीय समन्वय के माध्यम से ऐसे मामलों की निगरानी की जा रही है। विभाग का कहना है कि NDPS Act तथा अन्य संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नशा तस्करी से जुड़े मामलों में जांच एवं प्रवर्तन गतिविधियों को निरंतर जारी रखा जाएगा।