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NDRF / नाहन कॉलेज में 221 विद्यार्थियों को मिला आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण, जीवन बचाने की तकनीकों का कराया अभ्यास

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 6 Hours Ago • 1 Min Read

NDRF / डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नाहन में शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 14वीं बटालियन, जसूर (नूरपुर) ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) सिरमौर के सहयोग से आपदा प्रबंधन, खोज एवं बचाव तथा प्राथमिक उपचार पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया। शिविर में 221 विद्यार्थियों ने भाग लेकर आपदा के समय जीवन बचाने वाली महत्वपूर्ण तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

सिरमौर/नाहन

प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपदा की स्थिति में सही निर्णय लेने, स्वयं को सुरक्षित रखने तथा जरूरतमंद लोगों की प्रभावी सहायता करने के लिए तैयार करना था। एनडीआरएफ की टीम ने प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, खोज एवं बचाव कार्यों तथा प्राथमिक उपचार की विभिन्न तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप अभ्यास भी कराया गया, ताकि आपात स्थिति में वे प्रभावी भूमिका निभा सकें।

सीपीआर सहित कई जीवनरक्षक तकनीकों का दिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण के दौरान सब-इंस्पेक्टर अनिल सिंह, कांस्टेबल सब्बीर, विक्रम, पाटिल अमोल और नरेश कुमार ने सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) का लाइव प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने, बेहोशी अथवा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर प्राथमिक उपचार देकर किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। इसके अलावा आग, भूकंप, बाढ़, सुरक्षित निकासी, रक्तस्राव रोकने और घायल व्यक्ति को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की तकनीकों का भी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

एनसीसी, एनएसएस और रोवर्स-रेंजर्स के विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विभव कुमार शुक्ला, डॉ. देवराज शर्मा, प्रो. भारती सहित आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. जगदीश चंद, डॉ. जय चंद, प्रो. रजत, प्रो. संदीप, प्रो. दिव्या, प्रो. अनिल और एल.ए. अनिल कुमार उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर में एनसीसी कैडेट्स, राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवी, रोवर्स-रेंजर्स तथा भूगोल विभाग के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। समापन अवसर पर डॉ. जय चंद ने एनडीआरएफ, डीडीएमए, प्रशिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण युवाओं में आपदा के प्रति जागरूकता, त्वरित निर्णय क्षमता और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।

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