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NEET-UG 2026 में 5 लाख की कथित डील, 111 सवाल और कोचिंग कनेक्शन पर सीबीआई की जांच

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट को बताया कि NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच के दौरान कथित भुगतान, प्रश्नों की उपलब्धता और कोचिंग कनेक्शन से जुड़े तथ्य सामने आए हैं। एजेंसी ने आरोपियों की भूमिका से संबंधित साक्ष्यों का हवाला देते हुए जमानत याचिका का विरोध किया है।

नई दिल्ली

सीबीआई ने कोर्ट में रखा पक्ष

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने स्पेशल कोर्ट में दाखिल अपने जवाब में जांच से जुड़े कई तथ्यों का उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक कोचिंग सेंटर के संचालक पर परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न प्राप्त करने के लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान करने का आरोप है। सीबीआई ने कहा है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है और अभी कई बिंदुओं पर सत्यापन बाकी है।

कोचिंग संचालक और कथित भुगतान

सीबीआई के अनुसार, कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर कथित रूप से परीक्षा से पहले केमिस्ट्री के प्रश्न प्राप्त किए। एजेंसी ने अदालत में कहा कि इसके लिए कथित तौर पर 5 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। जांच एजेंसी का कहना है कि यह भुगतान और प्रश्नों की प्राप्ति, दोनों घटनाएं एक सुनियोजित प्रक्रिया का हिस्सा थीं। सीबीआई ने यह भी कहा है कि संबंधित लेन-देन, संपर्क और प्रश्नों के आदान-प्रदान से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

प्रश्नपत्र से जुड़े कथित साक्ष्य

जांच एजेंसी का कहना है कि मोटेगांवकर को कथित रूप से प्रश्न पी. वी. कुलकर्णी से प्राप्त हुए, जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के प्रश्नपत्र तैयार करने वाले पैनल से जुड़े थे। सीबीआई के अनुसार जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन से 36 तस्वीरें मिलीं, जिनमें हाथ से लिखे केमिस्ट्री के 132 प्रश्न दर्ज थे। एजेंसी का दावा है कि इनमें से 111 प्रश्न NEET-UG 2026 के मास्टर प्रश्न सेट से मेल खाते हैं। सीबीआई ने अदालत को यह भी बताया कि मोबाइल में मिली तस्वीरों और लिखित सामग्री की फॉरेंसिक जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि प्रश्न किस स्तर तक परीक्षा सामग्री से मेल खाते हैं और उनकी तैयारी किस परिस्थिति में की गई थी।

जमानत याचिका पर सीबीआई का पक्ष

सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि जांच के दौरान एकत्र किए गए प्रारंभिक साक्ष्य उसकी कथित भूमिका की ओर संकेत करते हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और विभिन्न पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। सीबीआई ने यह भी कहा कि यदि इस चरण में जमानत दी जाती है, तो जांच प्रभावित हो सकती है, क्योंकि अभी कई आरोपियों, संपर्कों और दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच बाकी है। एजेंसी ने अदालत से आग्रह किया कि उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए याचिका पर विचार किया जाए।

मामले की पृष्ठभूमि

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर दी थी। इसके बाद 21 जून को पुनः परीक्षा आयोजित की गई। सीबीआई मामले में कथित रूप से जुड़े सभी पहलुओं और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा प्रश्नों की उपलब्धता, उनके प्रसार और इसमें शामिल नेटवर्क की पहचान के लिए जांच जारी है।

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