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नई दिल्ली में पहाड़ी भाषा अकादमी स्थापित करने की मांग, युवा पीढ़ी को जड़ों से जोड़ने पर जोर

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 59 Mins Ago • 1 Min Read

अखिल भारतीय हिमाचल सामाजिक संस्था संघ ने पहाड़ी भाषा के प्रचार और विस्तार के लिए नई दिल्ली में पहाड़ी भाषा अकादमी स्थापित करने की मांग की है। संघ का कहना है कि इससे महानगरों में जन्मी युवा पहाड़ी पीढ़ी को अपनी जड़ों और भाषा से जुड़ने में सहायता मिलेगी। इसके साथ ही अन्य समुदायों के बीच भी पहाड़ी भाषा और संस्कृति का प्रसार किया जा सकेगा।

नई दिल्ली

संघ के 107वें वार्षिक समारोह के दूसरे दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष केएम लाल की अध्यक्षता में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों की तर्ज पर राष्ट्रीय राजधानी में पहाड़ी भाषा अकादमी की स्थापना करने की मांग रखी गई। समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से करीब दो दर्जन हिमाचली संस्थाओं ने भाग लिया।

पहाड़ी महोत्सव और कलाकारों को अवसर देने की मांग

प्रस्ताव में नई दिल्ली में पहाड़ी महोत्सव आयोजित करने और पहाड़ी कलाकारों को फेस्टिवल ऑफ इंडिया के अंतर्गत विदेशों में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर देने की मांग भी की गई। समारोह के दौरान प्रवासी हिमाचलियों के उत्थान और विकास के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया।

रेल सेवा, नशा रोकथाम और पर्यटन का मुद्दा भी उठा

संघ ने पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे सेवा को सुचारु रूप से चलाने का अनुरोध किया और कहा कि यह रेल लाइन अक्सर बाधित रहती है। प्रस्ताव में हिमाचल प्रदेश को नशे के चंगुल से निकालने के लिए सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और सरकारी स्तर पर व्यापक उपाय करने की आवश्यकता भी जताई गई।

पर्यटकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से गोविंद सागर झील की तर्ज पर प्रदेश के सभी जलाशयों में स्टीम बोट सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा उत्तराखंड की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में साहसिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने का विषय भी प्रस्ताव में शामिल किया गया।

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