परवाणू नगर परिषद वार्ड 04 के मतदाताओं की जांच के लिए समिति गठित, रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
Himachalnow / सोलन
परवाणू नगर परिषद के वार्ड नम्बर 04 के मतदाताओं से संबंधित मामलों की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। समिति जांच के बाद रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, जिसके आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परवाणू
समिति गठन और जांच का दायरा
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी एवं उपमंडलाधिकारी कसौली महेन्द्र प्रताप सिंह ने राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत नगर परिषद परवाणू के वार्ड नम्बर 04 के मतदाताओं से संबंधित मामलों की जांच के लिए समिति का गठन किया है। यह समिति नायब तहसीलदार, उप तहसील परवाणू की अध्यक्षता में कार्य करेगी और वार्ड से जा चुके मतदाताओं की स्थिति की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी।
शिकायत और प्रारंभिक जांच प्रक्रिया
मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायत पत्र में वार्ड नम्बर 04 से जा चुके मतदाताओं को सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज करवाई गई थी। इस शिकायत के आधार पर प्रारंभिक स्तर पर नायब तहसीलदार परवाणू के माध्यम से जांच करवाई गई और संबंधित तथ्यों को संकलित कर रिपोर्ट राज्य निर्वाचन आयोग को प्रेषित की गई थी।
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्रवाई
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त स्पष्टीकरण के अनुरूप अब विस्तृत जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश नगर पालिका एवं परिषद निर्वाचन अधिनियम, 2015 के नियम 27 के तहत आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है, ताकि मतदाता सूची से जुड़े सभी मामलों का नियमानुसार निस्तारण किया जा सके।
डाटा सत्यापन और प्रक्रिया का अनुपालन
प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि जांच के दौरान सभी अभिलेखों और आंकड़ों का सत्यापन किया जाए। मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े सभी कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किए जा रहे हैं और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं कि वे प्रत्येक मामले का निष्पक्ष परीक्षण करें।
प्रशासन की भूमिका और आश्वासन
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ने कहा कि जिला एवं उपमंडल प्रशासन राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के पूर्ण अनुपालन के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया कि सभी प्रक्रियाएं विधि द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाएंगी और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखी जाएगी।
