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POCSO / नाबालिग अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20-20 साल की सजा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन 27 Mar 2026 Edited 27 Mar 1 min read

सोलन के फास्ट ट्रैक POCSO न्यायालय ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। आरोपी को विभिन्न धाराओं के तहत 20-20 वर्ष का कठोर कारावास और जुर्माना लगाया गया है। मामला वर्ष 2019 का है, जब आरोपी पीड़िता को बहला-फुसलाकर सूरत ले गया था।

सोलन/बद्दी

अदालत ने सुनाया कड़ा फैसला

कनिका चावला, अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, फास्ट ट्रैक विशेष न्यायालय (POCSO), सोलन ने प्रकाश सिंह पुत्र राम विशाल, निवासी गांव फैजलापुर, डाकघर कनेली, तहसील मंझनपुर, थाना सराय आकिल, जिला कौशांबी (उत्तर प्रदेश) को नाबालिग लड़की के अपहरण और उसके साथ अवैध यौन संबंध बनाने के मामले में दोषी ठहराया और सजा सुनाई।

इन धाराओं में हुई सजा

अभियुक्त को POCSO अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹20,000 का जुर्माना, भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹10,000 का जुर्माना और धारा 366 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹10,000 का जुर्माना सुनाया गया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

क्या था पूरा मामला

अभियोजन के अनुसार वर्ष 2019 में घटना के समय पीड़िता नाबालिग थी और अपने परिवार के साथ दशोरा माजरा, बद्दी, जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) में रहती थी। आरोपी, जो पीड़िता के कमरे के पास रहता था, उससे बातचीत करने लगा और उससे शादी करने की इच्छा जताई।

इसके बाद वह पीड़िता को सूरत ले गया, जहां उसने उसे किराए के कमरे में रखा और उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। इस प्रकार आरोपी ने POCSO अधिनियम की धारा 6 तथा भारतीय दंड संहिता की धाराएं 363, 366 और 376 के तहत दंडनीय अपराध किया।

पुलिस और अदालत की कार्रवाई

इस संबंध में महिला पुलिस थाना बद्दी में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच की और अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपने मामले को सिद्ध करने के लिए कुल 18 गवाह पेश किए।

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