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POCSO / नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 20 साल का कठोर कारावास, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 35 Mins Ago • 1 Min Read

POCSO : कांगड़ा की फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 25 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने निर्णय सुनाया।

कांगड़ा

फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला

कांगड़ा स्थित फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट (अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश) विजय लक्ष्मी की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 15,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला 9 अप्रैल 2025 को महिला थाना धर्मशाला में दर्ज प्राथमिकी से संबंधित है।

शिकायत के आधार पर दर्ज हुआ था मामला

प्राथमिकी के अनुसार पीड़िता ने आरोप लगाया था कि रिश्ते में चाचा लगने वाला आरोपी लंबे समय तक उसे धमकाता रहा और उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाता रहा। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि आरोपी ने घटना की जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। बाद में मामला पुलिस के संज्ञान में आने पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

25 गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर हुई दोष सिद्धि

पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 एवं 351(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने पैरवी की, जबकि नायब कोर्ट यशपाल ने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों के बयान, वैज्ञानिक साक्ष्य तथा अन्य दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।

पॉक्सो अधिनियम के तहत सुनाई गई सजा

सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद अदालत ने आरोपी को पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा और 15,000 रुपये जुर्माने से दंडित किया।

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