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POCSO / कांगड़ा के 78 विद्यालयों तक पहुंचा सुरक्षित बचपन अभियान, बच्चों को बताए अधिकार और सुरक्षा उपाय

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 8 Hours Ago • 1 Min Read

POCSO / कांगड़ा जिले में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत 78 विद्यालयों के विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, व्यक्तिगत एवं ऑनलाइन सुरक्षा, सुरक्षित और असुरक्षित व्यवहार की पहचान तथा पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की पहल पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा और उपमंडलीय विधिक सेवा समितियों ने यह अभियान 27 से 31 अक्तूबर, 2026 तक चलाया।

धर्मशाला

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कांगड़ा स्थित धर्मशाला के सचिव आर. मिहुल शर्मा ने बताया कि अभियान के दौरान प्राधिकरण ने 13 विद्यालयों को शामिल किया। जिले की विभिन्न उपमंडलीय विधिक सेवा समितियों ने 65 अन्य विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस तरह अभियान के माध्यम से कुल 78 विद्यालयों तक पहुंच बनाई गई। कार्यक्रमों में बच्चों को शोषण और दुर्व्यवहार के विरुद्ध आवाज उठाने तथा जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता माध्यमों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

छह विषयों पर केंद्रित रहीं गतिविधियां

अभियान में मेरा बचपन, मेरा अधिकार; कानून जानो, बचपन बचाओ; सुरक्षित बालक, सुरक्षित बचपन; बोलो, बताओ, बचाओ; न बाल विवाह, न बाल शोषण और जागरूक बचपन, सशक्त भारत जैसे छह विषयों को केंद्र में रखा गया। विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रमों और शिविरों के साथ मार्च एवं रैलियां भी निकाली गईं। विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी के लिए चित्रकला, प्रश्नोत्तरी, नृत्य और गायन प्रतियोगिताएं आयोजित कर बाल संरक्षण एवं व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ी जानकारी संवादात्मक तरीके से दी गई।

इन कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों, बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड के सदस्यों ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में भाग लिया। जिला बाल संरक्षण अधिकारी, पैरा लीगल स्वयंसेवक, विद्यालय अधिकारी एवं शिक्षक, पॉक्सो अधिनियम के तहत नियुक्त सहायता व्यक्ति और जागोरी चैरिटेबल ट्रस्ट धर्मशाला के प्रतिनिधि भी अभियान से जुड़े। आर. मिहुल शर्मा ने सहयोग देने वाले विभागों, संस्थाओं, विद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और अन्य प्रतिभागियों के योगदान की सराहना की।

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