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मानसून सत्र के चौथे दिन विधानसभा के बाहर सत्ता पक्ष-विपक्ष का प्रदर्शन

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 54 Mins Ago • 1 Min Read

मानसून सत्र के चौथे दिन भी विधानसभा के बाहर सियासी संग्राम, आमने-सामने भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष

शिमला

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन भी सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर के बाहर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने हाथों में तख्तियां लेकर एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सरकार तथा विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। इससे विधानसभा परिसर के बाहर माहौल पूरी तरह राजनीतिक अखाड़े में तब्दील नजर आया।

विपक्ष ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा ने हिमकेयर और सहारा योजना को लेकर सरकार को घेरा। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि इन योजनाओं को कमजोर किए जाने से प्रदेश के गरीब और जरूरतमंद लोगों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर सीधा असर पड़ा है।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमकेयर योजना प्रदेश के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत थी और प्रदेश के बच्चे-बच्चे को इसकी जानकारी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजना को बंद कर प्रदेशवासियों को मुफ्त इलाज की सुविधा से वंचित कर रही है। जयराम ठाकुर ने सत्ता पक्ष के प्रदर्शन पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को अभी से विपक्ष में बैठने की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, क्योंकि आने वाले समय में प्रदेश की जनता उसे सत्ता से बाहर करने वाली है।

उधर, सत्ता पक्ष की ओर से उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अगुवाई में भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा।

मुकेश अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश और प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बात करनी चाहिए। उप मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस पूरी ताकत के साथ आगामी चुनाव लड़ेगी और विपक्ष को सत्ता में वापसी के सपने देखना बंद कर देना चाहिए।

विधानसभा के चौथे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही जिस तरह सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता आमने-सामने आए, उससे साफ है कि मानसून सत्र में राजनीतिक गर्मी लगातार बढ़ रही है। अब नजरें सदन के भीतर होने वाली बहस और आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच होने वाले सियासी वार-पलटवार पर टिकी हैं।

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