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Politics / राजगढ़ पंचायत समिति में सियासी पेंच, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव कोरम के अभाव में टला

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 7 Hours Ago • 1 Min Read

Politics : राजगढ़ पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित चुनाव कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित कर दिया गया। 15 निर्वाचित सदस्यों में से कोई भी सदस्य चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा। भाजपा और कांग्रेस के बराबर सदस्यों तथा एक निर्दलीय सदस्य की मौजूदगी के कारण राजनीतिक समीकरणों और सियासी गतिविधियों ने जोर पकड़ लिया है।

राजगढ़

राजगढ़ विकास खंड पंचायत समिति के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पहले सियासी रस्साकशी खुलकर सामने आ गई। गुरुवार को प्रस्तावित चुनाव कोरम पूरा न होने के कारण स्थगित करना पड़ा। स्थिति यह रही कि पंचायत समिति के 15 निर्वाचित सदस्यों में से एक भी सदस्य निर्धारित समय पर चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के लिए विकास खंड कार्यालय नहीं पहुंचा।प्रशासन द्वारा चुनाव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई थीं, लेकिन जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के चलते चुनाव प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो सकी। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए कम से कम 10 निर्वाचित सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक थी।

सूत्रों के अनुसार पंचायत समिति राजगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के 7-7 सदस्य निर्वाचित हुए हैं, जबकि एक सदस्य निर्दलीय है। ऐसे में बहुमत के लिए आवश्यक 8वें सदस्य के समर्थन को लेकर दोनों दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं। माना जा रहा है कि इसी राजनीतिक खींचतान के चलते किसी भी पक्ष ने अपने सदस्यों को चुनाव स्थल पर नहीं भेजा।राजनीतिक गलियारों में अब निर्दलीय सदस्य की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद की कुर्सी तक पहुंचने के लिए दोनों दलों की निगाहें इसी एक वोट पर टिकी हुई हैं, जिससे आगामी चुनाव और अधिक दिलचस्प होने की संभावना बन गई है।

एसडीएम राजगढ़ राजकुमार ठाकुर ने बताया कि पंचायत समिति अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए तिथि निर्धारित की गई थी, लेकिन तय समय तक कोई भी निर्वाचित सदस्य उपस्थित नहीं हुआ। कोरम पूरा न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि चुनाव की अगली तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।चुनाव टलने के बाद अब क्षेत्र की राजनीतिक सरगर्मियां और बढ़ गई हैं। सभी की नजरें अगली चुनाव तिथि पर टिकी हैं, जहां अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर सियासी समीकरणों का अंतिम फैसला होगा।

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