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Politics / जनादेश से डरी सरकार, अदालत के डंडे से करवाने पड़े चुनाव : बिंदल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 2 Hours Ago • 1 Min Read

Politics : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में आयोजित प्रेस वार्ता में पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया, विकास कार्यों, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भाजपा का पक्ष रखा। साथ ही चुनाव परिणामों को जनता के राजनीतिक रुझान का संकेत बताया।

नाहन

हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस सरकार पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार जनता के जनादेश से डरकर पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों से भागती रही। चुनाव टालने के लिए हर संभव प्रयास किए गए, लेकिन अंततः उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद सरकार को चुनाव करवाने पड़े।
डॉ. बिंदल ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव अक्टूबर-नवंबर 2025 में होने चाहिए थे, लेकिन कांग्रेस सरकार ने संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था को दरकिनार कर चुनाव प्रक्रिया को रोककर रखा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पहले से पता था कि जनता उनकी सरकार के खिलाफ फैसला सुनाने वाली है, इसलिए चुनावों से बचने की कोशिश की गई।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि चुनाव परिणामों ने कांग्रेस के तमाम दावों की हवा निकाल दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता पहले 80 प्रतिशत सीटें जीतने के दावे कर रहे थे, लेकिन नतीजों ने वास्तविक तस्वीर सामने ला दी। बिंदल ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को जनसमर्थन मिला है और कांग्रेस की राजनीतिक जमीन खिसकती दिखाई दे रही है।सिरमौर का विशेष उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में ही कांग्रेस को सबसे बड़ा झटका लगा है। उन्होंने दावा किया कि जिला परिषद की 17 में से 14 सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि जनता अब कांग्रेस सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं है।

बिंदल ने सुक्खू सरकार को “भ्रष्टाचार, तानाशाही और तालाबंदी की सरकार” बताते हुए आरोप लगाया कि चार वर्षों में जनकल्याण के नाम पर सरकार का प्रदर्शन पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा कि हजारों संस्थानों पर ताले लगाए गए, जनता पर नए कर थोपे गए और विकास कार्यों की रफ्तार थम गई।स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और दवाइयों की भारी कमी है। ऑपरेशन थिएटर बंद पड़े हैं और मरीजों को उपचार के लिए प्रदेश से बाहर जाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य व्यवस्था का सबसे बुरा असर सिरमौर जैसे जिलों पर पड़ा है।

प्रदेश सरकार के भीतर चल रही खींचतान पर कटाक्ष करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री, विधायक और अधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ सार्वजनिक बयान दे रहे हैं। सरकार में समन्वय समाप्त हो चुका है और प्रशासनिक अव्यवस्था का खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही है।डॉ. बिंदल ने दावा किया कि पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों के परिणाम केवल स्थानीय चुनावों के नतीजे नहीं बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों का राजनीतिक संकेत हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता ने कांग्रेस सरकार को नकारने का मन बना लिया है और आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा को प्रचंड बहुमत देने का संदेश इन चुनावों से साफ दिखाई दे रहा है।

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