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Politics / केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर विनय कुमार ने महंगाई, रोजगार और बागवानी मुद्दों पर रखी बात

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

Politics : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महंगाई, रोजगार, बागवानी क्षेत्र और निजीकरण जैसे विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इन विषयों को जनहित से जुड़ा मानती है और केंद्र सरकार की नीतियों के प्रभाव को लेकर लगातार अपनी बात रखती रही है, वहीं सेब बागवानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।

शिमला

भाजपा के कार्यक्रम पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल को लेकर भाजपा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के कार्यकाल का मूल्यांकन चुनावों के दौरान किए गए वादों और उनके क्रियान्वयन के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि महंगाई, रोजगार, कृषि और बागवानी जैसे विषय आज भी आम लोगों से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर सरकार की नीतियों और उनके प्रभावों को लेकर सार्वजनिक स्तर पर चर्चा होना आवश्यक है।

महंगाई और ईंधन कीमतों को लेकर टिप्पणी

विनय कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी अभियानों के दौरान रसोई गैस की कीमतों और आम लोगों को राहत देने से जुड़े कई वादे किए थे। उन्होंने दावा किया कि जिस रसोई गैस सिलेंडर की कीमत को कम करने की बात कही गई थी, उसकी कीमत समय के साथ बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हुए बदलाव का प्रभाव परिवहन, कृषि, व्यापार और दैनिक उपभोग की वस्तुओं की लागत पर भी पड़ता है। उनके अनुसार ईंधन की कीमतों में वृद्धि से आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्ग पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ा है।

रोजगार के मुद्दे पर कांग्रेस का पक्ष

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि रोजगार का विषय देश के युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिवर्ष दो करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने का वादा किया था। विनय कुमार ने दावा किया कि यदि इस लक्ष्य के अनुरूप रोजगार सृजन हुआ होता तो बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में भटकना नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और स्वरोजगार के अवसरों का विस्तार किसी भी सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए तथा इस दिशा में ठोस प्रयासों की आवश्यकता है।

सेब बागवानों और बागवानी क्षेत्र का मुद्दा

विनय कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में सेब और बागवानी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा लाखों लोगों की आजीविका प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र पर निर्भर करती है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा विदेशी सेब पर आयात शुल्क में किए गए बदलावों के कारण घरेलू उत्पादकों को बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उत्पादन लागत, परिवहन खर्च, पैकेजिंग और श्रम लागत में वृद्धि के बीच कई बागवानों को अपनी उपज का अपेक्षित मूल्य प्राप्त नहीं हो पा रहा है। उनके अनुसार बागवानों के हितों की सुरक्षा और उनकी आय को स्थिर बनाए रखने के लिए नीतिगत स्तर पर अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है।

निजीकरण और संस्थागत व्यवस्थाओं पर टिप्पणी

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों में निजीकरण को बढ़ावा दिए जाने का मुद्दा भी चर्चा का विषय रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के कुछ उपक्रमों में विनिवेश और निजी भागीदारी को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थानों की भूमिका देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण रही है तथा इनके संबंध में लिए जाने वाले निर्णयों पर व्यापक विमर्श होना चाहिए।

लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर भी रखी राय

विनय कुमार ने अपने बयान में लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं के कार्यप्रणाली से जुड़े विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी समय-समय पर विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं और जांच एजेंसियों की भूमिका को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त करती रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संस्थाओं की स्वतंत्रता, पारदर्शिता और जवाबदेही को बनाए रखना महत्वपूर्ण है तथा इन विषयों पर सार्वजनिक विमर्श लोकतंत्र का हिस्सा है।

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