Loading...

Politics / केंद्रीय सहायता के मुद्दे पर विनय कुमार की प्रतिक्रिया, जीएसटी और विशेष मदद को लेकर उठाए सवाल

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 5 Hours Ago • 1 Min Read

Politics : प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय सहायता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर प्रदेश कांग्रेस का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय सहायता, जीएसटी व्यवस्था से जुड़े राजस्व प्रभाव, विशेष आर्थिक सहयोग, केंद्रीय योजनाओं में हिस्सेदारी तथा एनपीएस से संबंधित लंबित मामलों पर प्रदेश सरकार और कांग्रेस पार्टी की अलग चिंताएं हैं। उन्होंने इन विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए राज्य के वित्तीय हितों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

शिमला

केंद्रीय सहायता के आंकड़ों पर प्रतिक्रिया

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा द्वारा प्रेस वार्ता में प्रस्तुत आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि केंद्र सरकार से प्रदेश को जो धनराशि प्राप्त हुई है, वह मुख्य रूप से विभिन्न केंद्रीय योजनाओं में निर्धारित हिस्सेदारी के तहत जारी की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अब तक कोई ऐसी विशेष आर्थिक सहायता प्राप्त नहीं हुई है जिसे अतिरिक्त राहत पैकेज या विशेष वित्तीय सहयोग की श्रेणी में रखा जा सके। विनय कुमार के अनुसार, केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय सहायता से जुड़े विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों को स्पष्ट रूप से सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

जीएसटी और वित्तीय प्रभाव का मुद्दा

विनय कुमार ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश जैसे सीमित संसाधनों वाले राज्यों को राजस्व संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि जीएसटी के वर्तमान ढांचे के कारण राज्य को पिछले कुछ वर्षों में लगभग 25 हजार करोड़ रुपये के राजस्व प्रभाव का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार, जीएसटी से जुड़े राजस्व अंतर का असर राज्य की विकास योजनाओं और वित्तीय प्रबंधन पर पड़ा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद प्रदेश सरकार अपने उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से कर्मचारियों के वेतन, पेंशन, विकास कार्यों और अन्य प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर रही है।

विशेष श्रेणी की योजनाओं का उल्लेख

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को विशेष पर्वतीय राज्य होने के कारण पूर्व में कई केंद्रीय योजनाओं में 90:10 के अनुपात से वित्तीय सहायता मिलती थी, जिसमें 90 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था में हुए बदलाव का प्रभाव राज्य की वित्तीय संरचना पर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से संबंधित लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की धनराशि केंद्र सरकार के पास लंबित है, जिसे जारी किए जाने की मांग राज्य सरकार और कांग्रेस पार्टी समय-समय पर उठाती रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया भी दी

विनय कुमार ने कहा कि केंद्र और राज्य के वित्तीय संबंधों, केंद्रीय सहायता, जीएसटी राजस्व तथा विशेष श्रेणी के राज्यों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस पार्टी लगातार अपना पक्ष रखती रही है। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दृष्टिकोण हो सकते हैं, लेकिन वित्तीय मामलों पर पारदर्शिता और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य से जुड़े आर्थिक और विकासात्मक मुद्दों पर जनता लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत अपना निर्णय करेगी।

Related Topics: