बिहार / प्रशांत किशोर समेत 21 नामजद और 700 अज्ञात के खिलाफ FIR…
पटना: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के खिलाफ पटना के गांधी मैदान थाने में FIR दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने छात्रों को उकसाया और हंगामा कराया। साथ ही, जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पर भी FIR हुई है। इसके अलावा 21 नामजद और 700 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई है।
पूरा मामला क्या है?
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के पेपर लीक मामले के विरोध में छात्रों ने 29 दिसंबर को पटना के गांधी मैदान में प्रदर्शन किया। छात्र मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर भी प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्र सीएम आवास घेरने की कोशिश कर रहे थे, जबकि पहले पटना जिला प्रशासन ने आयोग के अधिकारियों से बातचीत की पेशकश की थी, जिसे छात्रों ने ठुकरा दिया था। छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
पटना जिला प्रशासन ने बताया कि 28 दिसंबर को जन सुराज पार्टी ने गांधी मैदान में छात्र संसद का आयोजन करने के लिए सूचना दी थी, जिसे प्रशासन ने नियमों के तहत अस्वीकार कर दिया था। इसके बावजूद, 29 दिसंबर को जन सुराज पार्टी ने गांधी मूर्ति के पास अनधिकृत रूप से लोगों की भीड़ इकट्ठा की और उन्हें उकसाया, जिससे विधि–व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के जेपी गोलंबर तक जुलूस निकाला और सड़क जाम कर दी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई।
प्रशासन ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने भीड़ नियंत्रण के लिए लगाए गए लाउडस्पीकर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बार–बार अनुरोध के बावजूद उन्होंने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। जब भीड़ बेकाबू हो गई, तो जेपी गोलंबर के पास प्रदर्शनकारी वहां से हटने को तैयार नहीं थे। इसके बाद प्रशासन ने पानी की बौछार और हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को सामान्य किया।
अंत में, प्रशासन ने जन सुराज पार्टी और अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 21 नामजद और 600–700 अज्ञात लोगों के खिलाफ गांधी मैदान थाना में प्राथमिकी दर्ज की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विधि–व्यवस्था को भंग करने वाले इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन का कारण
यह प्रदर्शन बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के पेपर लीक मामले के विरोध में किया जा रहा था। छात्रों का आरोप था कि BPSC द्वारा आयोजित परीक्षा में पेपर लीक हुआ था, जिससे उनकी मेहनत और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। छात्रों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करने और इस मुद्दे पर उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इसके अलावा, छात्रों ने BPSC द्वारा की गई कथित गड़बड़ियों और परीक्षा की पारदर्शिता की कमी के खिलाफ भी विरोध दर्ज कराया था। प्रदर्शनकारियों का मुख्य उद्देश्य था कि वे अपनी आवाज सरकार तक पहुंचा सकें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।