रैगिंग के खिलाफ सख्ती : एंटी रैगिंग जांच समिति ने दिखाया सख्त रुख
डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन में रैगिंग के एक मामले में सख्त कदम उठाते हुए एंटी रैगिंग जांच समिति ने सात छात्रों पर कार्रवाई की है। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजीव तूली ने बताया कि एंटी रैगिंग समिति को एक गुमनाम शिकायत प्राप्त हुई थी। जांच में पाया गया कि 2023 बैच के एमबीबीएस के सात छात्रों ने 26 नवंबर, 2024 को अपने जूनियर्स के साथ अभद्र व्यवहार किया।
रैगिंग का खुलासा और जांच के निष्कर्ष
जांच में पता चला कि इन छात्रों ने अपने जूनियर्स को निजी आवास में ले जाकर लंबे समय तक खड़ा रखा, उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, और अप्राकृतिक दंड दिए। हालांकि, छात्रों को कोई शारीरिक चोट नहीं पहुंचाई गई।
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कड़ी कार्रवाई: तीन महीने का निलंबन और भारी जुर्माना
संस्थान ने इन छात्रों को तीन महीने के लिए मेडिकल कॉलेज से निलंबित कर दिया है। साथ ही, उन्हें एक वर्ष तक किसी भी क्षेत्रीय, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक या खेल गतिविधियों में संस्थान का प्रतिनिधित्व करने से वंचित कर दिया गया है।
इसके अलावा, प्रत्येक छात्र पर 75,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कड़ा संदेश: रैगिंग के लिए जीरो टॉलरेंस
मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस कार्रवाई के जरिए स्पष्ट संदेश दिया है कि रैगिंग के मामलों में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कदम से संस्थान में अनुशासन बनाए रखने और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को बल मिलेगा।
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