कांग्रेस सरकार पर बिंदल का हमला, कर्ज और अधूरी गारंटियों को लेकर उठाए सवाल
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन विधानसभा क्षेत्र की कार्यशाला में कांग्रेस सरकार पर कर्ज बढ़ाने, जनता पर आर्थिक बोझ डालने और चुनावी गारंटियां पूरी नहीं करने के आरोप लगाए। उन्होंने राजनीतिक नियुक्तियों पर होने वाले खर्च, महिलाओं को वित्तीय सहायता, युवाओं के लिए रोजगार और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े फैसलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। साथ ही कांग्रेस सांसद पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई।
नाहन
डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार के लगभग चार वर्षों में हिमाचल प्रदेश को आर्थिक और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विकास को गति देने के बजाय कर्ज, करों के बोझ और अव्यवस्था को बढ़ा रही है। उनका कहना था कि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और माफिया गतिविधियों से जुड़े सवालों पर सरकार को प्रदेश की जनता के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

बिंदल ने दावा किया कि डीजल, सीमेंट, बिजली, परिवहन किराये, स्टाम्प ड्यूटी और विभिन्न सरकारी सेवाओं से संबंधित खर्च बढ़ने के कारण गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को आम लोगों को राहत देने और आवश्यक सेवाओं का आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में काम करना चाहिए था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने शिक्षण संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों, पशु चिकित्सालयों, उपतहसीलों और पटवार सर्कलों से जुड़े सरकारी फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कुछ संस्थानों को बंद करने या उनके संचालन में बदलाव से विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं। उन्होंने स्कूल वर्दी, हिमकेयर और सहारा जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में ठोस उपलब्धियां सार्वजनिक करने की मांग की।
कर्ज और राजनीतिक नियुक्तियों पर सरकार को घेरा
डॉ. बिंदल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल में करीब 45 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया, लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उन्होंने सलाहकारों, ओएसडी, चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और अन्य राजनीतिक पदों पर होने वाले खर्च को लेकर प्रश्न उठाया। उनका कहना था कि कर्मचारियों, पेंशनरों और बेरोजगार युवाओं की आर्थिक कठिनाइयों के बीच सरकार को राजनीतिक नियुक्तियों के बजाय जनकल्याण और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कांग्रेस की चुनावी गारंटियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये देने का वादा किया गया था, लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी सहायता की प्रतीक्षा कर रही हैं। बिंदल ने दावा किया कि दिसंबर 2022 से गणना करने पर प्रति पात्र महिला करीब 75 हजार रुपये की सहायता बनती है। उन्होंने सरकार से लाभार्थियों की संख्या और वितरित राशि की स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
बिंदल ने युवाओं को एक लाख सरकारी नौकरियां और पांच लाख रोजगार के अवसर देने के चुनावी वादे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बेरोजगार युवा भर्ती और रोजगार सृजन को लेकर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने मुफ्त बिजली के वादे और बढ़ते बिजली बिलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार को अपनी घोषणाओं के क्रियान्वयन की स्थिति प्रदेश की जनता के सामने रखनी चाहिए।

कांग्रेस सांसद पर लगे आरोपों की जांच की मांग
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने महिला मोर्चा के प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के विरुद्ध सामने आई यौन उत्पीड़न संबंधी शिकायतों पर कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। उन्होंने दावा किया कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शिकायतों और विश्वविद्यालय की अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद गंभीर सवाल उठे हैं। बिंदल ने कहा कि ये आरोप जांच का विषय हैं और इनकी निष्पक्ष कानूनी जांच होनी चाहिए। दोष सिद्ध होने की स्थिति में कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के पुतले फूंके गए। प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं ने शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा, निष्पक्ष जांच और कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की। बिंदल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े विषय पर सभी राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए तथा आरोपों की जांच पूरी होने से पहले उन्हें सिद्ध अपराध के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
डॉ. बिंदल ने कांग्रेस पर अपनी सरकार के कामकाज से जुड़े प्रश्नों से ध्यान हटाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और आर्थिक सुधार के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों का हिसाब चाहती है। उनका दावा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता अधूरी गारंटियों, बढ़ते आर्थिक बोझ और विकास कार्यों से जुड़े मुद्दों पर अपना लोकतांत्रिक निर्णय देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं, युवाओं और आम जनता से जुड़े विषय उठाती रहेगी।