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राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, दान प्रकरण की जांच जारी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 5 Hours Ago • 1 Min Read

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा सौंप दिया है। यह घटनाक्रम मंदिर में दान से जुड़े मामले की जांच और दर्ज एफआईआर के बीच सामने आया है। मामले में जांच एजेंसियां संबंधित दस्तावेजों, बैंक खातों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं, जबकि आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय की जाएगी।

अयोध्या

जांच के बीच दो सदस्यों ने सौंपा इस्तीफा

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों ने अपना इस्तीफा ट्रस्ट को सौंपा है। यह घटनाक्रम अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के दौरान सामने आया है। मामले में पहले से दर्ज प्राथमिकी और विशेष जांच दल (एसआईटी) की कार्रवाई के बीच ट्रस्ट के दो वरिष्ठ सदस्यों के पद छोड़ने को महत्वपूर्ण प्रशासनिक घटनाक्रम माना जा रहा है।

दान प्रकरण की जांच जारी

मंदिर में दान से जुड़े मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की जा रही है। जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, संपत्तियों, मोबाइल रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई है। मामले में पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और जांच प्रक्रिया अभी जारी है। जांच से जुड़े रिकॉर्ड और वित्तीय प्रविष्टियों का मिलान भी किया जा रहा है, ताकि दान राशि के उपयोग और उससे जुड़े लेन-देन की स्थिति स्पष्ट हो सके।

आठ लोगों के विरुद्ध दर्ज है मामला

ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के आधार पर राम जन्मभूमि थाने में आठ नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार एफआईआर में गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं। जिन लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं, उनमें राम शंकर यादव उर्फ टीनू, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय, अविनाश शुक्ला, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं। पुलिस ने अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शेष आरोपियों की तलाश और पूछताछ जारी है। शिकायत दर्ज कराने वाले कृष्ण मोहन को सितंबर 2025 में ट्रस्ट का सदस्य बनाया गया था।

जांच एजेंसियां जुटा रही हैं साक्ष्य

जांच एजेंसियां संबंधित बैंक खातों, लेन-देन के रिकॉर्ड, मोबाइल कॉल डिटेल, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार शिकायत और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस और एसआईटी दोनों स्तरों पर जांच जारी है, और उपलब्ध रिकॉर्ड के सत्यापन के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएंगे। जांच के दायरे में उन सभी बिंदुओं को शामिल किया गया है, जिनसे दान राशि के संग्रह, सुरक्षित रखरखाव और जमा प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

ट्रस्ट में निभा रहे थे जिम्मेदारियां

चंपत राय ट्रस्ट में महासचिव के रूप में प्रशासनिक कार्यों से जुड़े रहे हैं और मंदिर निर्माण, प्रबंधन तथा दैनिक संचालन से संबंधित जिम्मेदारियों में उनकी भूमिका रही है। वहीं, डॉ. अनिल मिश्रा ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे और उन्हें दान राशि के प्रबंधन, नकदी गणना, सुरक्षित भंडारण और बैंक में जमा कराने जैसी व्यवस्थाओं से जुड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। ट्रस्ट के भीतर दोनों की भूमिका लंबे समय से प्रशासनिक और प्रबंधन स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जाती रही है।