रेणुका बांध विस्थापितों ने फिर जताया योगी ठाकुर पर भरोसा, सर्वसम्मति से बने महासचिव
श्री रेणुका जी बांध विस्थापित संघर्ष समिति की बैठक में 200 से अधिक विस्थापित परिवारों ने पुनर्वास, हाउसलेस ग्रांट और लंबित मांगों पर चर्चा की। बैठक में शुभम अत्रि के इस्तीफे के बाद योगी ठाकुर को सर्वसम्मति से महासचिव चुना गया तथा पात्र परिवारों के 89 हाउसलेस ग्रांट आवेदन भी भरे गए।
ददाहू
श्री रेणुका जी बांध विस्थापित संघर्ष समिति की अहम बैठक सोमवार को अध्यक्ष विजय ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में करीब 200 से अधिक विस्थापित परिवारों ने भाग लेकर पुनर्वास, हाउसलेस ग्रांट और अन्य लंबित मांगों पर चर्चा की। इस दौरान समिति के संगठनात्मक ढांचे में अहम बदलाव करते हुए योगी ठाकुर को सर्वसम्मति से नया महासचिव चुना गया।समिति के महासचिव शुभम अत्रि ने निजी कारणों से अपने पद से इस्तीफा दिया, जिसे स्वीकार करते हुए समिति ने उनके योगदान की सराहना की। इसके बाद उपस्थित विस्थापितों ने योगी ठाकुर के नाम पर सर्वसम्मति जताते हुए उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी।
बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धि हाउसलेस ग्रांट को लेकर रही। समिति के प्रयासों से पात्र विस्थापित परिवारों के 89 आवेदन भरवाए गए। समिति ने इसे वर्षों से चल रहे संघर्ष के बीच विस्थापितों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।नवनियुक्त महासचिव योगी ठाकुर ने कहा कि समिति प्रत्येक प्रभावित परिवार के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों की भूमि और मकान श्री रेणुका जी बांध परियोजना से प्रभावित हुए हैं तथा जिन लोगों ने अपनी भूमि की रजिस्ट्री पहले ही एचपीपीसीएल के नाम कर दी है, उनके उचित पुनर्वास, हाउसलेस ग्रांट और अन्य वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करवाने के लिए समिति लगातार आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जब तक प्रत्येक विस्थापित को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक संघर्ष पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ जारी रहेगा।
बैठक में समिति के संस्थापक सदस्य विनोद ठाकुर, सलाहकार पुरानचंद शर्मा, सलाहकार सतपाल तोमर, कमल, बीडीसी सदस्य सुखदेव शर्मा, वार्ड सदस्य रणदीप तोमर, वार्ड सदस्य कमल राज चौहान सहित बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार मौजूद रहे। बैठक के अंत में संगठन को और मजबूत बनाकर विस्थापितों की लंबित मांगों को सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने का निर्णय लिया गया।