जिला परिषद चुनाव के बाद रेणुकाजी में सियासी संग्राम तेज
जिला परिषद चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव नतीजों को लेकर लगातार दिए जा रहे बयानों के बीच कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर चुनाव परिणामों को लेकर भ्रम फैलाने तथा सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
नाहन
नाहन। जिला परिषद चुनाव के परिणाम सामने आने के बाद रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव नतीजों को लेकर लगातार दिए जा रहे बयानों के बीच कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाजपा पर चुनाव परिणामों को लेकर भ्रम फैलाने तथा सस्ती लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं और जिला परिषद के चुनाव राजनीतिक दलों के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जाते। ऐसे चुनावों में स्थानीय मुद्दे और व्यक्तिगत जनाधार अधिक प्रभावी होते हैं। उन्होंने दावा किया कि रेणुकाजी विधानसभा क्षेत्र में अधिकांश पंचायतों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है और 80 प्रतिशत से अधिक ग्राम प्रधान कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हैं।
जिला परिषद सीट पर कांग्रेस को मिली हार को लेकर भी पार्टी ने आत्ममंथन शुरू कर दिया है। नेताओं का कहना है कि संगठन स्तर पर हार के कारणों की समीक्षा की जा रही है और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
आरटीए सदस्य दिलीप राणा ने कहा कि भाजपा नेता जिला परिषद चुनाव परिणामों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता स्थानीय और विधानसभा स्तर की राजनीति का अंतर भली-भांति समझती है।
उधर युवा कांग्रेस नेता ओपी ठाकुर ने भाजपा के उन दावों को खारिज कर दिया जिनमें जिला परिषद चुनाव परिणामों को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार के खिलाफ जनादेश बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह तर्क न केवल हास्यास्पद है बल्कि जनता को गुमराह करने का प्रयास भी है। ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेता अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय ही सक्रिय होने वाले नेताओं को क्षेत्र की जनता अच्छी तरह पहचानती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार की लोकप्रियता और जनस्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है तथा विपक्ष के पास उनके मुकाबले कोई मजबूत चेहरा नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह जिला परिषद चुनाव परिणामों को अपनी बड़ी राजनीतिक जीत मान रही है तो वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में जनता उसे वास्तविक जनादेश का अहसास करा देगी। चुनाव परिणामों के बाद दोनों दलों के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने रेणुकाजी की राजनीति का तापमान बढ़ा दिया है।