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रिसोर्स शेयरिंग के तहत धनेत स्कूल की अभिनव पहल, वरिष्ठ शिक्षक प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को देंगे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 2 Hours Ago • 1 Min Read

शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुरूप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनेत ने प्राथमिक स्तर की शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक सराहनीय एवं अनुकरणीय पहल शुरू की है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अनिल कुमार की विशेष पहल पर स्कूल में ‘रिसोर्स शेयरिंग टाइम टेबल’ (संसाधन साझाकरण समय सारिणी) तैयार किया गया है।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

इस व्यवस्था के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय धनेत में कार्यरत उच्च योग्यता एवं अनुभव रखने वाले प्रवक्ता, टीजीटी तथा सीएंडवी अध्यापक अब राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनेत के विद्यार्थियों को भी अपनी सेवाएं एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। वरिष्ठ शिक्षक एलकेजी से पांचवीं कक्षा तक के नन्हे विद्यार्थियों को विभिन्न विषयों की शिक्षा सरल, सहज और रोचक तरीके से प्रदान कर रहे हैं, ताकि बच्चों की विषय संबंधी समझ के साथ-साथ उनकी बुनियादी शैक्षणिक नींव भी मजबूत हो सके।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर ही विद्यार्थियों की मूलभूत अवधारणाओं को मजबूत करना, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना तथा अनुभवी शिक्षकों के ज्ञान एवं अनुभव का लाभ छोटे बच्चों तक पहुंचाना है। वर्तमान में राजकीय प्राथमिक विद्यालय धनेत में केवल एक जेबीटी शिक्षक मनोज कुमार सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में वरिष्ठ विद्यालय के शिक्षकों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाना प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से लाभदायक साबित हो रहा है।

विद्यालय प्रबंधन का मानना है कि इस प्रकार के संसाधन साझाकरण से दोनों विद्यालयों के बीच शैक्षणिक समन्वय बढ़ेगा और प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को विषय विशेषज्ञ एवं अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन मिल सकेगा। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ उनके बौद्धिक, रचनात्मक एवं सर्वांगीण विकास को भी गति मिलेगी।

स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के प्रधान सुरेश कुमार सहित समिति के सभी सदस्यों ने प्रधानाचार्य अनिल कुमार एवं विद्यालय के शिक्षकों के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और बच्चों को प्रारंभिक अवस्था से ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं मार्गदर्शन प्राप्त होगा।

एसएमसी सदस्यों ने उम्मीद जताई कि ‘रिसोर्स शेयरिंग’ की यह पहल विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत आधार देने के साथ-साथ सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति अभिभावकों का विश्वास भी और मजबूत करेगी।