छात्रा ने मांगा नया स्कूल भवन, मुख्यमंत्री ने मौके पर किए दो करोड़ मंजूर; जरूरत पर और राशि देगी सरकार
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रोहड़ू स्थित पीएम श्री राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, सीबीएसई के नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की है। विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान एक छात्रा ने स्कूल में बढ़ती छात्र संख्या और दो शिफ्ट में चल रही कक्षाओं का हवाला देते हुए नए भवन की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दो करोड़ रुपये पर्याप्त नहीं होने की स्थिति में सरकार आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाएगी।
शिमला/रोहड़ू
छात्रा की मांग पर मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने स्कूल के विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उनके सवालों के जवाब दिए और विचारों को सुना। इसी दौरान एक छात्रा ने बताया कि स्कूल के सीबीएसई बनने के बाद विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है और कक्षाएं दो शिफ्ट में चलानी पड़ रही हैं। छात्रा ने नया भवन बनाने की मांग रखी, जिस पर मुख्यमंत्री ने निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
जरूरत पड़ी तो और धनराशि देगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए भवन के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये की राशि पर्याप्त नहीं होगी और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त धनराशि भी उपलब्ध करवाई जाएगी। नए परिसर के निर्माण में कुछ समय लगेगा, लेकिन सरकार का लक्ष्य प्रदेश में सीबीएसई स्कूलों के लिए आधुनिक और बेहतर सुविधाओं से युक्त उत्कृष्ट परिसर तैयार करना है।
ग्रामीण क्षेत्रों में CBSE स्कूलों पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल खोलने पर विशेष बल दे रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है, ताकि उन्हें निजी स्कूलों के समान आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें।
विद्यार्थी ने पूछा सबसे बड़ी चुनौती क्या, मुख्यमंत्री ने दिया जवाब
संवाद के दौरान एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से पूछा कि उनके लिए लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करना अधिक चुनौतीपूर्ण है या समय का प्रबंधन करना। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों महत्वपूर्ण हैं, लेकिन प्रदेश की आर्थिक स्थिति में समयबद्ध सुधार लाना सबसे बड़ी चुनौती रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है और आने वाले समय में प्रदेश को देश के अग्रणी एवं समृद्ध राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है।
UKG के विद्यार्थी के सवाल पर साझा की बचपन की यादें
यूकेजी के एक विद्यार्थी ने मुख्यमंत्री से उनके बचपन में दादा-दादी द्वारा सुनाई जाने वाली कहानियों के बारे में सवाल किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्दियों के दिनों में परिवार के सदस्य आग के सामने बैठकर उन्हें कहानियां सुनाया करते थे। उन्होंने इस दौरान ‘सात बहनों’ की कहानी का भी उल्लेख किया।
AI पर भी विद्यार्थियों से हुई चर्चा
एक विद्यार्थी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल और बच्चों के बौद्धिक विकास पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि AI आधुनिक समय की महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन इसके प्रभावी इस्तेमाल के लिए शिक्षा और ज्ञान का मजबूत आधार होना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने का आह्वान किया।
रोजगार के साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा
रोजगार के अवसरों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए अच्छी शिक्षा सबसे आवश्यक है, क्योंकि इससे सोचने-समझने की क्षमता विकसित होती है और भविष्य में सही दिशा चुनने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही है, ताकि युवा स्वयं रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकें।
इस अवसर पर विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, नशा निवारण बोर्ड के सह-संयोजक संजय भारद्वाज, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।