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सांगला में अनुसूचित जाति आयोग का संवाद, अधिकारों और शिकायत समाधान पर हुई चर्चा

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 24 Sep 2026 • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने 23 सितंबर को सांगला में समुदाय के कल्याण, अधिकारों के संरक्षण और शिकायतों के समाधान से जुड़े मामलों पर बैठक की। आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान की अध्यक्षता में हुई परिचर्चा में पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और व्यापार मंडल के सदस्यों ने विभिन्न विषय रखे। आयोग ने कानूनी प्रावधानों, कल्याणकारी योजनाओं और शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही।

किन्नौर/सांगला

आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान ने बताया कि हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग का गठन अगस्त 2024 में किया गया था। गठन के बाद से आयोग अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान, अधिकारों के संरक्षण और समुदाय से संबंधित मामलों के प्रभावी समाधान के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कुल बजट का 25 प्रतिशत अनुसूचित जाति वर्ग के विकास और कल्याण पर खर्च कर रही है। बैठक का संचालन आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा ने किया।

शिकायत दर्ज करवाने के माध्यम बताए

कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के किसी व्यक्ति के साथ अत्याचार होने की स्थिति में उसे संबंधित अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी होना जरूरी है। शोषण या अत्याचार से प्रभावित व्यक्ति आयोग की आधिकारिक वेबसाइट और आयोग की ओर से उपलब्ध करवाए गए दूरभाष माध्यम से शिकायत दर्ज करवा सकता है। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि इनका किसी भी स्थिति में गलत उपयोग नहीं होना चाहिए।

आयोग अध्यक्ष ने कहा कि लोगों से सीधे संवाद का उद्देश्य उनकी समस्याएं सुनना और समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाना है। बैठक में सामने आने वाले विषयों पर संबंधित प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। आयोग के सदस्यों दिग्विजय मल्होत्रा, डॉ. विजय डोगरा और शालिनी जम्वाल ने अनुसूचित जाति समुदाय के अधिकारों, प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और समुदाय के हित में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। सदस्यों ने उपस्थित प्रतिनिधियों की ओर से उठाए गए विषयों और शंकाओं पर भी संवाद किया।

रिकांग पीओ में भी होंगी बैठकें

आयोग अध्यक्ष ने बताया कि 24 सितंबर को रिकांग पीओ में जिला परिषद, पंचायत समिति, ग्राम पंचायतों, व्यापार मंडल और अनुसूचित जाति वर्ग के उत्थान के लिए काम कर रहे सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद 25 सितंबर को जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर संबंधित मामलों के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। सांगला में हुई परिचर्चा में गैर-सरकारी संगठनों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रधानों, उपप्रधानों और व्यापार मंडल के सदस्यों ने समुदाय से जुड़े विभिन्न विषय आयोग के समक्ष रखे।

बैठक में उपमंडलाधिकारी नागरिक कल्पा प्रवीण भारद्वाज, जिला कल्याण अधिकारी नीतीश राणा, तहसीलदार हरदयाल, ग्राम पंचायत सांगला के प्रधान परविंदर नेगी और ग्राम पंचायत बटसेरी की प्रधान कांता नेगी उपस्थित रहे। इनके अलावा पंचायत समिति सदस्यों, वार्ड सदस्यों, व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने भी परिचर्चा में भाग लिया। आयोग ने प्रतिनिधियों को समुदाय के अधिकारों और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों से अवगत कराया तथा उनकी ओर से उठाए गए मामलों के समाधान पर चर्चा की।

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