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वाणिज्य व विज्ञान संकाय में लंबे समय से रिक्त पद, विकास मंच ने मुख्यमंत्री व राज्यपाल से किया हस्तक्षेप का आग्रह

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 57 Mins Ago • 1 Min Read

संगड़ाह राजकीय महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र से संगीत (गायन) विषय में प्रथम वर्ष स्तर पर प्रवेश बंद किए जाने के निर्णय को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। महाविद्यालय में वाणिज्य और विज्ञान संकाय में लंबे समय से शिक्षकों के रिक्त पदों के बीच इस फैसले पर छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। संगड़ाह विकास मंच ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल से हस्तक्षेप कर रिक्त पद भरने तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।

संगड़ाह

उपमंडल संगड़ाह स्थित राजकीय महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र से संगीत (गायन) विषय में प्रथम वर्ष स्तर पर प्रवेश बंद किए जाने के निर्णय ने क्षेत्र की उच्च शिक्षा व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। महाविद्यालय में वर्तमान में संगीत (गायन) विषय के 35 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा विषय के लिए सहायक प्रोफेसर का पद भी कार्यरत है, इसके बावजूद प्रथम वर्ष में प्रवेश प्रक्रिया रोकने के आदेश जारी होने से छात्र संगठनों और स्थानीय लोगों में असंतोष देखा जा रहा है।जानकारी के अनुसार वर्ष 2006 में स्थापित इस महाविद्यालय को दो दशक पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन आज भी वाणिज्य संकाय में एक भी नियमित प्रवक्ता उपलब्ध नहीं है। वहीं विज्ञान संकाय में भी केवल एक ही प्रवक्ता कार्यरत होने के कारण शैक्षणिक गतिविधियां सीमित संसाधनों के सहारे संचालित हो रही हैं। ऐसे में संगीत विषय में नए प्रवेश बंद करने के निर्णय को लेकर महाविद्यालय की शैक्षणिक संरचना और विषय विविधता पर प्रश्नचिह्न लगने लगे हैं।

महाविद्यालय में विभिन्न संकायों के रिक्त पदों और शिक्षकों की कमी को लेकर संगड़ाह विकास मंच ने भी चिंता जताई है। मंच द्वारा 20 मई को मुख्यमंत्री को तथा शनिवार को राज्यपाल को ई-मेल के माध्यम से ज्ञापन भेजकर वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय में रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की गई है। मंच का कहना है कि दुर्गम क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त शिक्षकीय स्टाफ की नियुक्ति आवश्यक है।भाजपा नेता नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पहले ही कई संस्थागत व्यवस्थाएं कमजोर हुई हैं और अब महाविद्यालय में विषयों का दायरा सीमित होने से विद्यार्थियों के विकल्प प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के शैक्षणिक संस्थानों को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. वेद प्रकाश ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार वर्तमान सत्र में केवल प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए संगीत (गायन) विषय में प्रवेश बंद किए गए हैं। हालांकि द्वितीय एवं अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए विषय पूर्ववत संचालित रहेगा और उनकी पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।

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