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हिमाचल मंत्रिमंडल ने भर्ती, स्वास्थ्य सेवाओं और किसान राहत से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन II • 1 Hour Ago • 1 Min Read

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में भर्ती, स्वास्थ्य, कृषि, सामाजिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों से संबंधित कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में विभिन्न विभागों में नए पद भरने, किसान सहायता योजनाएं शुरू करने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे निर्णय लिए गए।

शिमला

करुणामूलक नियुक्तियों के मामलों की होगी समीक्षा

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व में अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति मामलों पर पुनर्विचार करने का निर्णय लिया गया। सरकार ने इसे एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत ऐसे मामलों की दोबारा जांच की जाएगी जिन्हें विभिन्न प्रशासनिक, तकनीकी अथवा पात्रता संबंधी कारणों से पहले स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। समीक्षा प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक मामले का विभागीय स्तर पर परीक्षण किया जाएगा तथा आवश्यक होने पर नियमों के अंतर्गत छूट भी प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य पात्र परिवारों को राहत प्रदान करने के साथ लंबित मामलों का निस्तारण करना है।

सरकारी भूमि नियमितीकरण नीति को मंजूरी

मंत्रिमंडल ने सरकारी भूमि पर कुछ अतिक्रमणों के नियमितीकरण के लिए नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी। यह नीति विशेष रूप से उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जो लंबे समय से आवासीय, कृषि अथवा बागवानी गतिविधियों के लिए सरकारी भूमि का उपयोग कर रहे हैं। सरकार के अनुसार नीति सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई है और इसे अंतिम स्वीकृति के लिए भारत सरकार को भेजा गया है। नीति लागू होने के बाद पात्र मामलों की पहचान कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत नियमितीकरण किया जाएगा।

किसानों के लिए ब्याज अनुदान योजना

मंत्रिमंडल ने कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। योजना का उद्देश्य उन किसानों को सहायता प्रदान करना है जिनकी भूमि ऋण अदायगी में कठिनाइयों के कारण नीलामी के जोखिम में है। इसके तहत पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर देय ब्याज का 50 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना से प्रदेश के 6,356 किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि इससे किसानों पर वित्तीय दबाव कम होगा और कृषि गतिविधियों की निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

भर्ती और रोजगार से जुड़े निर्णय

मंत्रिमंडल ने भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी प्रदान की। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पदों को भरने, विभिन्न विभागों में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) तथा अन्य श्रेणियों के पदों पर नियुक्तियां करने का निर्णय लिया गया। बैठक में यह भी स्वीकृत किया गया कि 31 मार्च 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में नए पद और संस्थानों का विस्तार

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को मजबूत करने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल ने 300 चिकित्सा अधिकारियों, 250 चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्करों, 200 स्टाफ नर्सों तथा 162 तकनीकी पदों को भरने की मंजूरी दी। इन 162 पदों में 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-द्वितीय शामिल हैं। इसके अलावा राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरे जाएंगे। मंडी जिले के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में कार्डियोलॉजी विभाग के लिए दो सहायक प्रोफेसर और दो वरिष्ठ रेजिडेंट के पद भी स्वीकृत किए गए हैं। स्वास्थ्य अवसंरचना के विस्तार के तहत नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर तथा नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत करने का निर्णय लिया गया है।

शिक्षा और विश्वविद्यालयों से जुड़े फैसले

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में 17 सहायक प्रोफेसरों के पद भरने को मंजूरी दी। इसके अतिरिक्त तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस नीति का उद्देश्य नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और स्टार्ट-अप गतिविधियों को बढ़ावा देना है। नीति के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक दो करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है। बैठक में शिक्षा विभाग द्वारा सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित प्रस्तुति भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखी गई।

कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के लिए राहत

मंत्रिमंडल ने अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को पूर्ण वेतन देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जिन कर्मचारियों ने पूर्व में अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें बकाया वेतन राशि का भुगतान भी किया जाएगा। बैठक में जॉब ट्रेनीज को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने की मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन निर्णयों का उद्देश्य कर्मचारियों और प्रशिक्षुओं के लिए सेवा शर्तों को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

हिम केयर और सहारा योजना में निर्णय

मंत्रिमंडल ने हिम केयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के तहत संचालित करने का निर्णय लिया। संशोधित व्यवस्था के अनुसार पात्र लाभार्थियों को अब पांच लाख रुपये के स्थान पर सात लाख रुपये तक तथा निर्धारित श्रेणियों में दस लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री सहारा योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी प्रदान की गई है।

अन्य प्रमुख निर्णय

मंत्रिमंडल ने चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित करने हेतु हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989 में संशोधन को मंजूरी दी। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना के चौथे चरण को भी स्वीकृति दी गई, जिसके तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा विभिन्न मेलों को राज्य और जिला स्तरीय दर्जा देने, नए स्वास्थ्य संस्थान खोलने, बिजली उपकेंद्रों के लिए 40 वर्ष की लीज स्वीकृत करने, मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित करने तथा अग्नि प्रभावित 15 परिवारों को कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने जैसे निर्णय भी लिए गए।