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16 वर्षों की सेवाओं के बाद वरिष्ठ सहायक वरिन्द्र डोगरा सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्त, भावभीनी विदाई

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 13 Hours Ago • 1 Min Read

ऊना स्थित राज्य अनुसूचित जाति आयोग कार्यालय में वरिष्ठ सहायक वरिन्द्र डोगरा को लगभग 16 वर्षों की निष्कलंक, समर्पित और उत्कृष्ट सरकारी सेवा के बाद सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्ति पर भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों और परिजनों ने उन्हें शॉल, हिमाचली टोपी, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके योगदान की सराहना करते हुए सुखद एवं स्वस्थ सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं।

ऊना/वीरेंद्र बन्याल

16 वर्षों तक निभाई जिम्मेदारियां

वरिन्द्र डोगरा ने जुलाई 2010 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में क्लर्क के रूप में अपनी सेवाएं शुरू की थीं। अपने पूरे सेवाकाल के दौरान उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण के साथ विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी कार्यशैली, व्यवहार-कुशलता और सहयोगी स्वभाव के कारण उन्हें विभाग में एक सम्मानित और लोकप्रिय कर्मचारी के रूप में पहचान मिली।

अधिकारियों ने बताया प्रेरणास्रोत

समारोह को संबोधित करते हुए राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार धीमान ने कहा कि वरिन्द्र डोगरा ने अपने कार्यकाल में जिस निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं दीं, वह सभी कर्मचारियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि उनका अनुशासित कार्य, सरल व्यक्तित्व और सकारात्मक सोच विभाग के लिए लंबे समय तक प्रेरणादायक रहेगी। आयोग के सदस्य डॉ. विजय डोगरा, दिग्विजय मल्होत्रा, कु. शालिनी, सहायक आयुक्त विनय मोदी, सदस्य सचिव विश्रुत भारती, सीडीपीओ बंगाणा विवेक कुमार तथा तहसील कल्याण अधिकारी ऊना जतिन्द्र शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने भी उनके योगदान की सराहना की।

सेवानिवृत्ति पर व्यक्त किए अपने भाव

अपने संबोधन में वरिन्द्र डोगरा भावुक दिखाई दिए। उन्होंने विभाग और आयोग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं सहकर्मियों का वर्षों तक मिले सहयोग, सम्मान और स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विभाग में बिताए गए 16 वर्ष उनके जीवन की अमूल्य धरोहर रहेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपनी सरकारी सेवा नई पेंशन योजना (एनपीएस) के तहत शुरू की थी, लेकिन अब उन्हें पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ मिल रहा है, जिसके लिए उन्होंने हिमाचल प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया।

परिजनों की मौजूदगी में हुआ सम्मान

समारोह के अंत में राज्य अनुसूचित जाति आयोग एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से वरिन्द्र डोगरा और उनके परिवार को शॉल, हिमाचली टोपी तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी मीना डोगरा, पुत्री खुशबू डोगरा, दामाद जीतन, भाई बतन डोगरा, जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। पूरे समारोह में आत्मीयता और सम्मान का वातावरण रहा तथा सभी ने उनके स्वस्थ, सुखद और सफल सेवानिवृत्त जीवन की कामना की।