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शिमला में युवाओं के मुद्दों पर DYFI का मंथन, 36 सदस्यीय शहर कमेटी गठित

हिमांचलनाउ डेस्क नाहन • 1 Hour Ago • 1 Min Read

शिमला में भारत की जनवादी नौजवान सभा (DYFI) की शहर इकाई ने युवा अधिवेशन आयोजित कर बेरोजगारी, पुस्तकालयों की कमी और नशे के बढ़ते कारोबार सहित युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। अधिवेशन में प्रत्येक वार्ड में पुस्तकालय खोलने और रोजगार मिलने तक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग उठाई गई। इस दौरान संगठन की 36 सदस्यीय शहर कमेटी का भी गठन किया गया।

शिमला में युवाओं के मुद्दों पर DYFI का मंथन, 36 सदस्यीय शहर कमेटी गठित

शिमला/शिमला

अधिवेशन का उद्घाटन DYFI के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व सचिव डॉ. ओंकार सिंह शाद ने किया। उन्होंने कहा कि नवउदारवादी नीतियों के कारण रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं और रोजगार प्राप्त कर चुके युवाओं के सामने भी उसे बचाए रखने की चुनौती है। उन्होंने शिमला शहर के युवाओं से संगठित होकर युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया।

DYFI के कार्यकारी सचिव रॉकी ने संगठन के पिछले कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि शिमला शहर में पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं की संख्या बढ़ रही है, जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों के लिए पर्याप्त पुस्तकालय उपलब्ध नहीं हैं। अधिवेशन में नगर निगम या सरकार से शहर के प्रत्येक वार्ड में पुस्तकालय बनाने की मांग की गई, ताकि युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उचित सुविधाएं मिल सकें।

शिमला में युवाओं के मुद्दों पर DYFI का मंथन, 36 सदस्यीय शहर कमेटी गठित

नशे के कारोबार और बेरोजगारी पर जताई चिंता

अधिवेशन में शिमला शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर चिंता जताते हुए वक्ताओं ने कहा कि इसकी रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। DYFI ने युवाओं को रोजगार मिलने तक बेरोजगारी भत्ता देने की मांग भी रखी। चर्चा के दौरान शहर में संगठन के विस्तार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर व्यापक आंदोलन तैयार करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ सांस्कृतिक गतिविधियों, खेलकूद प्रतियोगिताओं और अन्य रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन पर भी सहमति बनी।

शाहनवाज अध्यक्ष और अनिल ठाकुर सचिव चुने गए

अधिवेशन के अंत में 36 सदस्यीय कमेटी गठित की गई। शाहनवाज खान को अध्यक्ष, अनिल ठाकुर को सचिव और साहिल ठाकुर को कोषाध्यक्ष चुना गया। रॉकी, संजय और पलक उपाध्यक्ष बनाए गए, जबकि नीती, सुहानी और आदित्य जैरेट को सह सचिव की जिम्मेदारी दी गई। सुमित, अंकित, अश्मित और पुनीत सचिवालय सदस्य चुने गए। नवनिर्वाचित कमेटी ने युवाओं को संगठित करने, उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करने और शिमला शहर में युवा आंदोलन मजबूत करने का संकल्प लिया।